सावन पूर्णिमा के पहले शुक्रवार और रक्षा बंधन के दो दिन पहले पति की रक्षा के लिए और सुरक्षा के लिए मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है और व्रत रखा जाता है। जानकारी के लिए बता दें कि तेलुगु परिवार में सुहागिनें वरलक्ष्मी माता की पूजा करती है। महिलाएं व्रत रखकर पति की लंबी आयु और सुख समृद्धि की प्राप्ति के लिए कामना करती है।


सुहागिने के इस दिन व्रत रखने से माता बहुत ही ज्यादा प्रसन्न होती हैं और घर से दरिद्रता को दूर कर सुख-समृद्धि और धन वैभव लाती हैं। यह व्रत खासकर दक्षिण भारत में ही रखा जाता है।  बता  दें कि व्रत में माता वरलक्ष्मी की पूजा में नौ तरह के फलों और मिठाइयों का नैवेद चढ़ाया जाता है।

बता दें कि इस दिन कथा पाठ और 108 नाम की पूजा होती है। शाम में मां की आरती गाने के बाद सुहागिनों एक दूसरे में सुहाग की सामग्री और फलदान करती हैं। शुभ मुहूर्त निम्न प्रकार है-
वरलक्ष्मी व्रतम् शुक्रवार, अगस्त 20, 2021 को
सिंह लग्न पूजा मुहूर्त (प्रातः) – 05:53 से 07:59 सुबह तक