केले का पेड़ काफी पवित्र माना जाता है और कई धार्मिक कार्यों में इसका प्रयोग किया जाता है। दक्षिण भारत में केले बहुतायत में उत्पन्न होते हैं। धन व समृद्धि के लिए केले के पेड़ की पूजा की जाती है। इसकी नियमित पूजा करने से लक्ष्मी प्रसन्न होती है। माना जाता है कि समृद्धि के लिए केले के पेड़ की पूजा अच्छी होती है।

घर की चारदीवारी में केले का वृक्ष लगाना शुभ है। बृहस्पति ग्रह का कारक होने के कारण इसे ईशान कोण में लगाना शुभ है। घर के मुख्य द्वार और पिछले हिस्से पर केले के पौधे को न लगाएं। केले के पौधे के आसपास साफ-सफाई रखें। केले के तने में लाल धागा बांधकर रखें।

भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को केले का नियमित भोग लगाने से वे अति प्रसन्न होकर भक्तों पर कृपा करते हैं। केले के पौधा बुध और केतु ग्रह का कारक है। इसके घर के आसपास होने से इन ग्रहों के दोष दूर होते हैं परंतु इसे अपनी कुंडली की जांच करने के बाद ही लगाएं।

केल के पौधे की जड़ में प्रतिदिन जल अर्पित करें। बृहस्पतिवार के दिन विशेष रूप से उसकी पूजा अर्चना करके थोड़ा सा कच्चा दूध भी चढ़ाएं और वहीं पर बैठकर विष्णु-लक्ष्मी से धनवान बनने की कामना करें। कहते हैं कि केले में साक्षात विष्णु और लक्ष्मी का वास होता है।

घर में संतान हमेशा सुखी और संकटों से दूर रहती हैं। केले का पौधा घर में लगाने से बृहस्पति ग्रह का शुभ फल मिलने लगता है। इसके घर में होने से वैवाहिक जीवन की कठिनाइयां दूर होती है। अविवाहित कन्याओं का शीघ्र विवाह हो जाता है। उच्च शिक्षा और ज्ञान प्राप्ति में यह पौधा सहायक सिद्ध होता है, क्योंकि इसमें से लगातार शांतिमय और सकारात्मक ऊर्जा निकलती रहती है।