कुंडली में जब पाप या क्रूर ग्रह जब किसी राशि पर अशुभ दृष्टि डालते हैं तो व्यक्ति अपने गुस्से पर नियंत्रण नहीं रख पाता है और ऐसी गलत कर बैठता है जिसके कारण उसे गंभीर परिणाम भी भुगतने पड़ते हैं. जिन लोगों की ये राशि होती हैं, उन्हें इस बुरी आदत से बचना चाहिए-

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मेष राशि - मेष राशि वालों को अपने क्रोध को रोकने की क्षमता विकसित करनी चाहिए. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मेष राशि का स्वामी मंगल है. जो साहस, युद्ध, विध्वंसक, क्रोध आदि का भी कारक है. जब मेष राशि वालों की कुंडली में मंगल ग्रह दूषित हो तो व्यक्ति गुस्से में अपना बड़ा नुकसान करता है.

सिंह राशि - सिंह राशि वाले व्यक्ति निडर होते हैं. सूर्य आपकी राशि का स्वामी है. जब ये शुभ होता है तो व्यक्ति उच्च पद पाता है, अच्छा नेतृत्वकर्ता होता है. सभी को साथ लेकर चलने वाला होता है. ऐसे लोग बहुत लोकप्रिय होते हैं, लोग इनकी बातों को मानने वाले होते हैं. लेकिन जब इस राशि पर पाप ग्रह राहु या केतु की अशुभ दृष्टि पड़ती है तो अतिउत्साह या क्रोध की स्थिति में नुकसान उठाते हैं. 

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वृश्चिक राशि - वृश्चिक राशि का स्वामी भी मंगल है. मंगल जब शुभ होता है और किसी पाप ग्रह से पीड़ित न हो तो ये बहुत शुभ फल प्रदान करता है. लेकिन जब ये राहु के साथ आ जाए तो व्यक्ति क्रोध और गलत कामों में फंसकर बड़ा नुकसान उठाता है. राहु और मंगल की युति से अंगारक योग बनता है. इस स्थिति में विवाद आदि से हानि होने की संभावना बढ़ जाती है.

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मकर राशि -  मकर राशि के स्वामी शनि देव हैं. शनि दंडाधिकारी भी हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि को सभी ग्रहों में न्यायाधीश की उपाधि प्राप्त है. शनि जब चंद्रमा या अन्य पाप ग्रह के संपर्क में आते हैं तो व्यक्ति अपने क्रोध से बड़ा नुकसान कर बैठता है. ऐसे व्यक्ति मानसिक तनाव से भी परेशान रहते हैं.