आज का दिन बहुत ही अच्छा है। क्योंकि आज के दिन आंवला वृक्ष की पूजा की जाती है। कार्तिक मास की नवमी शुक्ल पक्ष में आंवला नवमी (Amla Navami 2021) का पर्व मनाया जाता है। इस आंवल वृक्ष से स्वस्थ रहने की कामना की जाती है और आंवला के पेड़ के नीचे बैठकर पूजा अर्चना कर ही भोजन किया जाता है। कहा जाता है कि इस दिन किए गए कार्य को शुभ और अटूट माना जाता है।

आंवला नवमी (Amla Navami 2021) के दिन कथा सुनना बहुत ही लाभकारी होता है।  इसकी कथा पूत्रों के लिए होती है-
एक बार व्यापारियों ने इस दिन ब्राह्मणों को सम्मान दिया, तो उनके पुत्रों को यह सब पसंद नहीं आया, इसलिए उन्होंने अपने पिता के साथ युद्ध किया। झगड़े से परेशान कारोबारी  घर छोड़कर दूसरे गांव चले गए। उन्होंने वहां रहने के लिए एक दुकान स्थापित की। यहां उन्होंने दुकान के सामने आंवला का पेड़ लगाया। भगवान प्रसन्न हुए और उनकी दुकान को बहुत लाभ होने लगा।


वही खास बात यह थी कि परिवार से दूर रहते हुए भी उन्होंने यहां आंवला नवमी की पूजा कर ब्राह्मणों को अन्नदान करना शुरू कर दिया था। वहीं दूसरी ओर बेटों का धंधा पूरी तरह ठप हो गया और उसे अपनी गलती का अहसास हुआ। वह समझ गया कि हमने अपने पिता के भाग्य से खाया है। तब बेटा अपने पिता के पास गया और अपनी गलती के लिए माफी मांगी। फिर अपने पिता के कहने पर उन्होंने आंवले के पेड़ की भी पूजा की, जिससे उन्हें अपने घर में पहले जैसा ही सुख मिलता था।