वास्तु शास्त्र के अनुसार कई घरों में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश हो जाता है जिसका असर उस भवन में रहने वाले सदस्यों पर होता है। घर में निगेटिव एनर्जी होने से बहुत से दुष्प्रभाव दिखने लगते हैं। 

यदि ऐसा हो रहा है तो समझ जाइए कि घर में निगेटिव एनर्जी बढ़ रही है। यदि घर में प्रवेश के समय सिर भारी हो जाता है, घर आते ही चिड़चिड़ापन, क्रोध और तनाव होने लगता है, घर में कलह का वातावरण रहता है, पिता-पुत्र, सास-बहू, भाई-भाई में टकराव अत्यधिक एवं नियमित टकराव रहता है, किसी स्थान विशेष पर बैठने पर अधिक क्रोध आता है, स्वास्थ्य प्रभावित होता है, घर की आर्थिक स्थिति दयनीय रहती है, ऋण बढ़ता जा रहा है, शत्रु पैदा हो गए हैं, घर में मन नहीं लगता और स्वास्थ्य खराब रहता है तो इसका उपाय है गुलाबी फिटकरी।

 बाजार में दो तरह की फिटकरी मिलती है। एक सफेद और दूसरी गुलाबी फिटकरी, लेकिन निगेटिव ऊर्जा को कम करने के लिए गुलाबी फिटकरी लानी है। जानिए इसका प्रयोग कैसे करना है।

-यदि आपको अपने शयनकक्ष में ठीक प्रकार से नींद नहीं आती है, अनिद्रा के शिकार हैं, दिमाग में तरह-तरह के विचारों का आदान-प्रदान चलता रहता है, घर में कोई न कोई अस्वस्थ रहता है तो गुलाबी फिटकरी का एक या 2 किलो का पीस अपने शयनकक्ष में सिराहने की ओर स्टूल पर रख दें।

-घर के द्वार में घुसते ही आपको गुस्सा आने लगता है अथवा मन परेशान हो जाता है तो फिटकरी का एक बड़ा पीस घर के प्रवेश द्वार के पीछे की ओर स्टूल पर रख देना चाहिए।

-घर में सभी सदस्य स्वस्थ रहें, परस्पर अच्छे माहौल में वार्तालाप हो, इसके लिए लिविंग रूम अथवा ड्राइंग रूम में गुलाबी फिटकरी अवश्य रखें।

-यदि बालक का मन पढ़ाई के समय चंचल रहता है या अस्थिर रहता है, आलसी प्रवृत्ति बन गई है तो उसके शयनकक्ष या अध्ययन कक्ष में कांच के प्लेट में फिटकरी अवश्य रखें।

-एक बार गुलाबी फिटकरी रखने के बाद उसे पांच या छह महीने में बदलते रहना चाहिए। पुरानी रखी हुई फिटकरी को डस्टबिन में डाल दें। 

-यदि आपको लगता है कि आपके घर में कुदृष्टि का असर है अथवा किसी नकारात्मक उर्जा का अचानक प्रभाव बढ़ गया है तो अपने ड्राइंग रूम में द्वार के पास और सभी कमरों में एक-एक पीस गुलाबी फिटकरी का रख सकते हैं। इसके रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नकारात्मक ऊर्जा कम होने लगती है।