असम में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी चल रही है और राज्य के बच्चों ने सभी राजनीतिक दलों से अपने घोषणापत्र में उनके मुद्दों और सिफारिशों को शामिल करने की मांग की है।  विश्व बाल दिवस पर बच्चों ने आज यहां मीडिया के समक्ष एक घोषणापत्र प्रस्तुत किया गया। घोषणापत्र को मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल को शनिवार को सौंपा जाएगा। 

अगले कुछ सप्ताह में विधानसभा अध्यक्ष, विपक्ष के नेता और सभी बड़ी राजनीतिक दलों को इसकी प्रति दी जाएगी और इसे अपने घोषणापत्र में शामिल करने की मांग की जाएगी। दस्तावेज को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों का उपयोग कर किए गए सर्वेक्षण के बाद संकलित किया गया है, जिसमें राज्य के 17 जिलों में 4,000 से अधिक बच्चे शामिल हैं, गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) प्रत्येक के साथ ‘वादा ना टोडो अभियान’ के तहत एक अभियान चलाया, जिसे यूनिसेफ का समर्थन मिला है। राज्य के कुल मिलाकर 40 संगठनों को इसमें शामिल किया गया है और इस कार्य में लगाया गया है।

इसके परिणाम स्वरूप यह घोषणापत्र बनाया गया जिसमें राजनीतिक दलों को 10 प्वाइंट की चार्टर्ड मांग को शामिल किया गया है। सर्वेक्षण के प्रमुख प्वाइंट में 85 फीसदी बच्चों ने महसूस किया कि विधायकों के लिए उनकी राय और चिंताओं पर विचार करना बहुत महत्वपूर्ण है और 96 फीसदी बच्चों ने महसूस किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को सस्ती स्वास्थ्य सेवा और पौष्टिक भोजन तक नहीं मिलता है। बच्चों ने अपनी मांगों में सभी तरह की हिंसा से सुरक्षा, सस्ती स्वास्थ्य देखभाल, पौष्टिक भोजन की उपलब्धता और किसी भी आधार पर कोई भेदभाव नहीं करने को कहा है।