महिलाएं कहीं भी सुरक्षित नहीं है। महिलाओं के साथ अपराध दिन ब दिन बढ़ते ही जा रहे हैं। आए दिन महिलाएं घिनौनें अपराध का शिकार हो रही है। इसी बीच असम के बजरली जिले के पाथसाला में लड़कियां और युवतियां अब अर्नब सरमा की पहल की बदौलत आत्मरक्षा की तकनीक सीख रही हैं। ऐसे समय में अर्नब महिलाओं को अपराध के खिलाफ मजबूत बना रहे हैं। और खुद की रक्षा करने के लिए बचाव के गुर सीखा रहे हैं।


अर्नब सरमा के बाजी कराटे डो जो लड़कियों और युवा महिलाओं को मार्शल आर्ट के विभिन्न रूपों में प्रशिक्षण प्रदान करता है। इस प्रशिक्षण की खास बात यह है कि छात्रों को प्रशिक्षण पूरी तरह से मुफ्त दिया जा रहा है। बता दें कि छात्रों में चार साल से 22 साल तक के छात्र शामिल हैं। सरमा द्वारा सिखाई जा रही मार्शल आर्ट में कराटे, जूडो और ताइक्वांडो शामिल हैं। अर्णब सरमा ने कहा, "इस देश में महिलाएं तब भी सुरक्षित महसूस नहीं करती हैं जब वे अपने कदम बाहर निकालती हैं।


यही कारण है कि वह घर और देर रात अकेले यात्रा नहीं कर पाती हैं। इसलिए अर्नब ने कहा कि मैंने लड़कियों और युवा महिलाओं को मार्शल आर्ट के विभिन्न रूपों को सिखाने का फैसला किया। इस मार्शल आर्ट में आवश्यक प्रशिक्षण और अनुशासन उन्हें किसी भी खतरे का सामना करने में सक्षम बनाता है। सितंबर में जारी वार्षिक राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की "भारत में अपराध" 2019 रिपोर्ट के अनुसार, असम में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की उच्चतम दर 177.8 प्रति लाख जनसंख्या दर्ज की गई है जो कि बहुत ही ज्यादा है।