मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) और सत्तारूढ़ मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) द्वारा म्यांमार से सुखी सुपारी की तस्करी के आरोपी असमिया व्यापारी से मुख्यमंत्री जोरमथांगा को जोड़ने के आरोपों से इनकार करने के कुछ दिनों बाद, राज्य भाजपा ने बुधवार को दावा किया कि तस्करी का आरोपी पिछले साल दिल्ली में आयोजित मिजोरम और असम के मुख्यमंत्रियों के बीच रात्रिभोज में शामिल हुआ था। 

असम में एक विधायक द्वारा कथित तौर पर इसकी पुष्टि किए जाने के बाद इस मुद्दे को विवाद को और राजनीतिक प्रतिशोध में बदल दिया है, जिसमें विपक्षी दलों ने सुपारी की तस्करी में कथित संलिप्तता के लिए ज़ोरमथांगा की सरकार पर निशाना साधा है।

सिलचर स्थित एक ऑनलाइन समाचार पोर्टल ने 5 फरवरी को बताया था कि असम के कछार जिले के सिलचर के निवासी और मिजोरम सरकार के करीबी सहयोगी अबू मजूमदार ने हाल ही में दिल्ली में जोरमथांगा और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बीच रात्रिभोज में भाग लिया है।

सिलचर के इटखोला इलाके में मजूमदार के घर पर हाल ही में बर्मी सुपारी की तस्करी के सिलसिले में पुलिस ने छापा मारा था।

रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया था कि मजूमदार को जोरमथांगा ने दिल्ली के रात्रिभोज में आमंत्रित किया था क्योंकि उनका मिजोरम सरकार के साथ घनिष्ठ संबंध है।

मजूमदार को म्यांमार से सुखी सुपारी की तस्करी में कथित संलिप्तता के लिए पुलिस ने गिरफ्तार किया था। 

इससे पहले , सीएमओ और एमएनएफ ने इस बात का का खंडन किया  कि मजूमदार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने डिनर पार्टी में आमंत्रित किया था। यह रात्रिभोज सद्भावना के तौर पर पिछले साल नवंबर में सीमा वार्ता से इतर आयोजित किया गया था।

सीएमओ ने दावा किया था कि रात के खाने का आयोजन असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पिछले साल 25 नवंबर की रात को नई दिल्ली के असम हाउस में किया था।

सीएमओ ने यह भी दावा किया था कि मिजोरम हाउस के निवासी आयुक्त, मुख्यमंत्री के विशेष कर्तव्य अधिकारी (ओएसडी) और मुख्यमंत्री के अतिरिक्त निजी सचिव, मिजोरम के कोई अन्य अधिकारी जोरमथांगा के साथ रात्रिभोज में नहीं गए थे।

इसने कहा था कि मजूमदार को असम के मुख्यमंत्री ने आमंत्रित किया होगा।

इस बीच पार्टी ने अपने में बयान कहा कि मजूमदार नई दिल्ली के असम हाउस  में रात के खाने के दौरान मिजोरम टीम का हिस्सा थे।  बरुआ ने यह भी बताया कि मजूमदार तस्करी रैकेट के संबंध में पुलिस की जांच के दायरे में है और फिलहाल फरार है।  इसने ज़ोरमथांगा के नेतृत्व वाली एमएनएफ सरकार पर म्यांमार से सुपारी की तस्करी में शामिल होने का आरोप लगाया है।

भाजपा ने कहा, "तथ्य यह है कि सुपारी तस्कर अबू मजूमदार अपने आवास से फरार है और असम पुलिस उसके पीछे भाग रही है, जिससे स्पष्ट रूप से पता चलता है कि मिजोरम सरकार सुपारी की तस्करी में शामिल थी।" राज्य कांग्रेस के कोषाध्यक्ष और विधायक जोडिंटलुआंगा ने यह भी आरोप लगाया कि मजूमदार जोरमथांगा का करीबी सहयोगी था।

दक्षिण मिजोरम के लुंगलेई शहर में बुधवार को पार्टी की एक बैठक को संबोधित करते हुए, कांग्रेस नेता ने कहा कि मजूमदार के साथ गठजोड़ पर सीएमओ का स्पष्टीकरण जनता के सामने विफल हो गया है क्योंकि तथ्य यह है कि मुख्यमंत्री तस्कर के साथ भोजन कर रहे थे। 

उन्होंने कहा कि मजूमदार ने पूर्व में मिजोरम को चावल की बोरियों की आपूर्ति के लिए आवेदन किया था और तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने उन्हें खारिज कर दिया था।