ITA सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स में आज यहां 'पोस्ट-मॉडर्न इंडिया में सभ्यता का संघर्ष और उसके उपाय' पर एक आयोजित सम्मेलन में असम के गवर्नर प्रो जगदीश मुखी (Governor Prof. Jagdish Mukhi) ने शिरकत की। इस खास मौके पर असम के राज्यपाल प्रो. जगदीश मुखी ने कहा कि "भारत एक बहु-सांस्कृतिक राष्ट्र है और विविध लोगों ने इस भूमि को अपने समाज में आत्मसात करके अपना घर बना लिया है। हालांकि, संघर्ष तब उत्पन्न होता है जब कोई एक या अधिक समूह आर्थिक पर दूसरों पर अपना आधिपत्य जताते हैं "।

अमेरिकी राजनीतिक वैज्ञानिक सैमुअल पी. हंटिंगटन (Samuel P. Huntington) का जिक्र करते हुए, जिन्होंने तर्क दिया कि " भविष्य के युद्ध (war) देशों के बीच नहीं, बल्कि संस्कृतियों के बीच लड़े जाएंगे "।

गवर्नर प्रो. मुखी ने कहा कि " अतीत में हालांकि राजाओं (kingdoms) और राज्यों के बीच उनकी विस्तारवादी नीतियों के कारण संघर्ष देखा गया था, धीरे-धीरे संघर्ष की प्रकृति सांस्कृतिक संबद्धता से विचलित हो गई। यह एक खतरनाक प्रस्ताव है जो मानव अस्तित्व (human existence) की इमारत को कमजोर कर सकता है "।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सांस्कृतिक संघर्षों (cultural conflicts) की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए, जो एक बड़े वैश्विक संकट में बदल सकते हैं, संघर्ष को हल करने के लिए आक्रामक रूप से 'जागरूकता शिक्षा (Awareness Education)' उत्पन्न करने की तत्काल आवश्यकता है।