असम (Assam) के ब्यूरोक्रेट (bureaucrats) के रिश्तेदार से 65 हजार रुपए के साइबर फ्रॉड (Cyber frod) मामले में गिरफ्तार साइबर आरोपी के ट्रांजिट रिमांड के लिए बुधवार को भूरागांव पुलिस ने जामताड़ा कोर्ट में आवेदन दिया। रिमांड मिलने के बाद गिरफ्तार साइबर आरोपी गौर दास को असम के भूरागांव लेकर जाएगी। जामताड़ा साइबर थाना पुलिस ने पोसोई गांव से साइबर आरोपी को गिरफ्तार किया है। इधर असम पुलिस ने बताया कि साइबर आरोपी गौर दास के विरुद्ध असम के भूरागांव थाना में 65 हजार रूपए ठगी का मामला दर्ज है। जिसके विरुद्ध असम के भूरागांव थाना में कांड संख्या 170/21 दर्ज किया गया है।

केवाईसी अपडेट करवाने के नाम पर असम के भूरागांव देवजीत भरोली को 65 हजार रुपये का चूना लगाने वाले शातिर साइबर ठग को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस यह छानबीन मे जुटी है कि साइबर ठगी की घटना को लेकर प्रयुक्त सिम कार्ड कहां से निर्गत है। इसके अलावे शातिर साइबर ठग ने अब तक कितने लोगों को केवाईसी अपडेट के नाम पर चूना लगाया है। इन सारी तथ्यों को पुलिस बारिकी से खंगाल रही है। हालांकि पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार साइबर आरोपी का पुराना अपराधिक इतिहास रहा है। वह साइबर ठगी के मामले मे पूर्व मे भी जेल जा चुका है।

एएसआई जसवंत नाथ ने बताया कि गिरफ्तार साइबर आरोपी गौर दास बैंक अधिकारी बनकर केवाईसी अपडेट के नाम पर लोगों को फोन कर ठगी का शिकार बनाता हैं। उसके विरूद्ध देवजीत भरोली नामक व्यक्ति ने थाने मे शिकायत किया था। जिस सिम कार्ड व मोबाइल नंबर से साइबर ठगी हुई थी,उसका लोकेशन जामताड़ा मिला। इसके बाद जामताड़ा पुलिस के सहयोग से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।