उदलगुरी मत्स्य विकास कार्यालय (Udalguri Fishery Development) के उच्च अधिकारियों और उसके कर्मचारियों ने बोडो प्रादेशिक परिषद के तहत उदलगुरी जिले में मत्स्य विकास कार्यालय के परिसर में मछली पालन की अवधारणा को लोकप्रिय बनाने के लिए मछली पालन (fish farming) पर चार दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया।


उदलगुरी जिला मत्स्य विकास कार्यालय (Udalguri Fishery) के मत्स्य विकास अधिकारी बिपुल खटानियार ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्यों के बारे में बताया। उसके बाद खैराबाड़ी मत्स्य प्रखंड कार्यालय के मत्स्य विकास अधिकारी हिमांगशु भट्टाचार्य ने मत्स्य पालन (fish farming) पद्धति पर बात की. जिला पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. नागेन कलिता ने मछली को सुअर और बत्तख के साथ जोड़ने की वैज्ञानिक पद्धति के बारे में बताया।

हालांकि, सहायक कृषि निदेशक, फणीधर ब्रह्मा (Phanidhar Brahma) ने भी इस क्षेत्र में और अधिक विकसित करने के लिए मत्स्य पालन में धान के साथ मछली (fish) की गठबंधन खेती के लिए बात की। ब्रह्मा ने अंततः किसानों को जैविक खेती करने की सलाह दी, जो समय की मांग है। कृषि अधिकारी ब्रह्मा ने यह भी कहा कि खेती में इस्तेमाल होने वाला रसायन मानव अंगों को नुकसान पहुंचा रहा है, इसलिए इस चलन को रोकना चाहिए।