यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (इंडिपेंडेंट) (उल्फा-आई) ने असम पुलिस को ग्रुप के साथ संबंध के आरोप में राज्य के युवाओं को 'शारीरिक और मानसिक रूप से' परेशान करने के गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। बता दें कि डिब्रूगढ़ से भार्गव गोगोई की गिरफ्तारी के बाद संगठन ने कैविएट जारी किया। असम पुलिस ने गोगोई को 9 अप्रैल को उल्फा-I के लिंकमैन होने और संगठन के लिए नए कैडरों की भर्ती करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

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पुलिस के अनुसार गोगोई ने कथित तौर पर उल्फा-I प्रमुख अभिजीत गोगोई उर्फ ​​एसेंग असम के साथ संपर्क बनाए रखा और संगठन के लिए नए कैडरों की भर्ती कर रहा था। संगठन की प्रचार शाखा द्वारा जारी एक बयान में कहा गया था कि गोगोई को सिर्फ इसलिए गिरफ्तार किया गया क्योंकि वह संगठन के एक सक्रिय सदस्य का रिश्तेदार है। गोगोई द्वारा किए गए किसी भी भर्ती अभियान से इनकार करते हुए उल्फा-आई ने स्पष्ट किया कि उनका समूह से कोई संबंध नहीं है, हम असम पुलिस को गोगोई के संगठन के साथ जुड़ाव साबित करने की चुनौती देते हैं।

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संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस राज्य के निर्दोष युवकों को उनके निजी फायदे के लिए गिरफ्तार कर रही है। पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए समूह ने कहा कि युवाओं को झूठा फंसाया और परेशान किया जा रहा है, हम इस तरह की रणनीति में शामिल लोगों के खिलाफ गंभीर परिणाम की चेतावनी देते हैं।