पूर्वोत्तर राज्य असम के गुवाहाटी से बीते दिनों दो लड़कियां (girls missing from Assam ) गायब हो गईं थी, तभी से उनके यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम-इंडिपेंडेंट (उल्फा-आई)  (ULFA-I) में शामिल होने की कई अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, दोनों के प्रतिबंधित सैन्य संगठन में शामिल होने की कई रिपोर्टों के बाद अब उल्फा-आई नेता परेश बरुआ (Paresh Baruah ) ने स्पष्ट किया कि दोनों में से केवल एक लड़की उल्फा-आई में शामिल हुई है।

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उल्फा-आई प्रमुख बरुआ (ULFA-I leader Paresh Baruah ) ने दावा किया कि रिपोर्ट पूरी तरह से सच नहीं है क्योंकि केवल एक लडक़ी सैन्य समूह में शामिल हुई है। बरुवा ने कहा कि उन्हें संगठन में शामिल होने वाले सभी नए रंगरूटों के बारे में जानकारी नहीं थी, लेकिन उन्हें दास उपनाम वाली एक नई लड़की के बारे में पता चला, जो हाल ही में शामिल हुई थी। दूसरी लड़की के बारे में बात करने पर उल्फा-आई प्रमुख ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि डेका उपनाम वाली कोई लडक़ी उनके साथ जुड़ती है। बरुआ ने कहा कि लोग तब तक संगठन से जुड़ते रहेंगे जब तक कि उसकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं। उन्होंने कहा कि ऐसे कई कारण हैं जिनकी वजह से बहुत से युवा संगठन में शामिल होना पसंद करते हैं।

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आपको बता दें कि परेश बरुआ (Paresh Baruah ) एक राजनीतिक कार्यकर्ता और यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम ( उल्फा ) की सैन्य इकाई के प्रमुख और उपाध्यक्ष है। उन्हें परेश असोम के नाम से भी जाना जाता है। उनका संगठन लंबे समय से सशस्त्र संघर्ष चला रहा है। परेश बरुआ का जन्म 1957 में भारत के असम के भरिगांव के जारचाकली गांव में हुआ था। वे कम उम्र में एक फुटबॉल खिलाड़ी बन गए थे। उसने डिब्रूगढ़ जिले के लिए और बाद में डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय के लिए फुटबॉल खेला था। बाद में उसने रेलवे में काम करना शुरू किया और 1978 से 1982 तक काम किया। वह देबिरगर रेलवे फुटबॉल टीम में खेलते थे। उन्होंने कुछ समय के लिए दुलियाजिया में वेल इंडिया लिमिटेड में भी काम किया। उसने बॉबी भुइयां बरुआ से शादी की और उनके दो बच्चे हैं, तसीम खान और आकाश खान।