यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम-इंडिपेंडेंट (उल्फा-आई) ने तत्काल प्रभाव से तीन महीने के लिए एकतरफा युद्धविराम की घोषणा की है। उल्फा ने कहा कि "अत्यंत ईमानदारी के साथ, हम असम के मूल निवासियों को सूचित करना चाहते हैं कि कोरोना वायरस से प्रेरित स्थिति को देखते हुए, उल्फा (आई) ने आज से अगले तीन महीनों के लिए अपने सभी सैन्य अभियानों को स्थगित करने का फैसला किया है।"


ULFA कमांडर-इन-चीफ (सी-इन-सी) परेश बरुआ यह बयान प्रतिबंधित संगठन का फैसला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा उल्फा (आई) प्रमुख परेश बरुआ से शांति वार्ता के लिए आगे आने की अपील के कुछ दिनों बाद आया है। सरमा ने कहा था कि “उल्फा के साथ एक संवाद दोतरफा यातायात है। परेश बरुआ को आगे आना होगा. उसी तरह हमें उसके पास जाना है। अगर दोनों पक्षों में इच्छाशक्ति है, तो संचार मुश्किल नहीं होगा, ”।


बरुआ ने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय सुरक्षा बलों और असम पुलिस के अधिकारियों के एक वर्ग ने सरमा ने कहा था की छवि खराब करने की साजिश रची है। तिनसुकिया जिले के डिगबोई थाना अंतर्गत तिंगराई बाजार में संदिग्ध आतंकवादियों द्वारा किए गए ग्रेनेड विस्फोट में दो लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। जबकि ULFA ने विस्फोट की जिम्मेदारी से इनकार किया, पुलिस अधिकारियों को संदेह है कि यह घटना उल्फा (आई) की करतूत थी।