गुवाहाटी। असम के चिरांग जिले में हुई मुठभेड़ में डकैती में शामिल रहे नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनएलएफबी) के दो उग्रवादी मारे गए, जबकि एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक घायल हो गया। मंगलवार को पुलिस ने यह जानकारी दी। वहीं एक अन्य घटना में डकैतों ने बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (बीटीआर) के अंतर्गत आने वाले इस जिले में एक व्यक्ति की उसके घर के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी।

एक पुलिस अधिकारी ने जानकारी दी कि 29 मार्च को भारत-भूटान सीमा से लगे तीन गांवों में डकैती की घटनाओं में शामिल होने के संदिग्ध एनएलएफबी के पूर्व उग्रवादियों के रूनीखाटा इलाके में मौजूद होने की गुप्त जानकारी मिली थी, जिस पर कार्रवाई करते हुए सोमवार रात एक अभियान शुरू किया गया।

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उन्होंने बताया कि मंगलवार तड़के एक घर के अंदर छिपे संदिग्ध डकैतों ने पुलिस टीम पर गोलीबारी की और जवाबी कार्रवाई में डकैती के एक मामले में मुख्य आरोपी महंत नारजारी समेत दो की मौत हो गई, जबकि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) प्रकाश मेधी और उनका अंगरक्षक गोली लगने के कारण घायल हो गए।

अधिकारी ने बताया कि घर के अंदर मौजूद लगभग दो-तीन लोग भागने में सफल रहे और उन्हें पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मेधी और उनके अंगरक्षक को इलाज के लिए गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (जीएमसीएच) में स्थानांतरित कर दिया गया। मेधी के दाहिने हाथ में गोली लगी है। मुठभेड़ स्थल से दो पिस्तौल बरामद की गई हैं।

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विशेष पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) जीपी सिंह ने ट्वीट किया, ''अतिरिक्त एसपी प्रकाश मेधी की बहादुर कार्रवाई। गोली लगने के बावजूद उन्होंने और उनकी टीम ने आज सुबह रूनीखाटा, चिरांग में दो अपराधियों को मार गिराया। असम पुलिस को आप पर गर्व है।'' लगभग उसी समय, धालीगांव थाना क्षेत्र के कमरपारा में संदिग्ध डकैतों का एक समूह एक घर में घुस गया और जब निवासियों ने शोर मचाया तो डकैतों ने परिवार के एक सदस्य की गोली मारकर हत्या कर दी और भाग गए। मृतक की पहचान राजा बोडो के रूप में हुई है।