करीमगंज जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ के पास एक हाई पावर बिजली लाइन के संपर्क में आने से दो गिबन्स की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। यह घटना दक्षिण असम में बराक घाटी के करीमगंज जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा पर मुकामतिला बीओपी के पास हुई। यह क्षेत्र करीमगंज टाउन से लगभग 40 किमी दूर है।

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पाथेरकंडी के वन रेंज अधिकारी मनोज कुमार दास ने बताया कि मोकामटीला बीओपी में ड्यूटी पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के दो जवानों ने बिजली लाइन के संपर्क में जमीन पर पड़े तीन गिब्बन देखे, जिनमें से दो की मौके पर ही मौत हो गई और घायल पड़ा हुआ है। उन्होंने तुरंत घटना की सूचना अपने अधिकारी को दी। तीन गिबन्स को पास के पाथेरकंडी पशु चिकित्सालय में भेज दिया गया और शीर्ष वन अधिकारियों को सूचित किया गया।

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इस दौरान पशु चिकित्सक ने दोनों गिब्बों को मृत घोषित कर घायल गिब्बन का इलाज कर वन विभाग को सौंप दिया। वन विभाग के अधिकारियों ने दो मृत गिब्बों के शवों को अपने कब्जे में ले लिया और दूसरे को जंगल में छोड़ दिया। दास ने कहा कि दो गिब्बन के शवों को दफना दिया गया है। स्थानीय लोगों को संदेह था कि गिब्बों को तस्करी के लिए सीमा पर लाया जा सकता है और बीएसएफ कर्मियों की कड़ी सतर्कता के कारण वे ऐसा करने में विफल रहे। बता दें कि भारत की वानर प्रजाति हूलॉक गिब्बन मुख्य रूप से असम में पाई जाती है। ये दुर्लभ प्रजातियां हैं और लुप्तप्राय भी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन प्रजातियों को बराक घाटी में कभी नहीं देखा गया है।