देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में बसे दो राज्यों असम और मिजोरम के बीच जारी राजनीतिक गतिरोध समझौते के बाद से अब धीरे-धीरे समाप्त होने की दिशा में बढ़ने लगा है, मगर ऐसा लग रहा है जमीनी स्तर पर यह इतना आसान नहीं होने वाला है। इसलिए शनिवार 7 अगस्त को असम राज्य के दो मंत्रियों ने असम-मिजोरम के अंतर-राज्यीय सीमाओं पर वाहनों की आवाजाही को फिर से शुरू करने के लिए बॉर्डर की ओर रवाना हो गए हैं।

ज्ञात हो कि इन दोनों पूर्वोत्तरी राज्यों के मध्य विगत 28 जुलाई को हुए हिंसक झड़प के बाद से ही असम और मिजोरम सीमा से लगे हुए सड़कों पर आवाजाही लगभग बंद है। एक तरह से यहां पर आर्थिक नाकेबंदी जैसी स्थित उत्पन्न हो गई है। इस कारण से दोनों राज्यों की तरफ से सैकड़ों वाहन अपनी-अपनी सीमाओं में रुक गए हैं, जिससे रोड जाम की स्थित उत्पन्न हो गई है। 

28 जुलाई से जारी इस नाकेबंदी के कारण विगत 13 दिनों से दोनों तरफ सैकड़ों की संख्या में माल से लदे वाहनों के फंस जाने से दोनों राज्यों के लोगों को परेशानी हो रही है। इस नाकेबंदी से न सिर्फ व्यापार और सामान का नुकसान हो रहा है, बल्कि मिजोरम में सही मात्रा में कोरोना महामारी से लड़ने वाली दवाइयों और सुविधाओं की सप्लाई भी नहीं हो पा रही है।

दोनों राज्यों के मध्य हुए समझौते के बाद भी जमीनी स्तर पर कुछ परवर्तन न होता देख असम सरकार के दो मंत्री असम-मिजोरम सीमा पर जाने के लिए आज निकल गए हैं, ताकि इस स्थिति को सामान्य किया जा सकें।