असम में ऑल असम ट्रांसजेंडर एसोसिएशन (AATA)  राज्य ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड को लेकर ज्ञापन सौंपने के लिए गौहाटी हाईकोर्ट जाएगी। इसके लिए असम सरकार ने राज्य ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड के संबंध में एक ज्ञापन संघ का गठन किया है। इनके लिए समाज कल्याण विभाग ने राज्य मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित ट्रांसजेंडर पर राज्य नीति के अनुसार राज्य ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड का गठन किया है।
एसोसिएशन के ज्ञापन को चुनौती देने के लिए तैयार ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट स्वाति बिधान बरुआ ने बताया कि इसे लागू करने से राज्य ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड टूथलेस टाइगर बन जाएगा। ट्रांसजेंडर समुदाय को किसी भी तरह के कल्याण के लिए कोई कदम उठाने की शक्ति ही नहीं है। यही नहीं एएटीए सरकार को समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को स्थानांतरित करने के लिए भी स्थानांतरित करेगा जो ट्रांसजेंडरों के खिलाफ पक्षपात करते हैं।
स्वाति बरुआ ने कहा कि ट्रांसजेंडर पर असम की राज्य नीति बहुत प्रगतिशील है और इसे देशभर के कार्यकर्ताओं ने सराहा है। देश के और क्षेत्रों में ट्रांसजेंडर के इतने अच्छे हालात नहीं हैं। हम एक शक्तिशाली राज्य ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड चाहते हैं, ताकि आपातकाल के मामले में यह सभी प्रकार के आवश्यक कदम उठा सके। इससे राज्य का भी भला होगा और ट्रांसजेंडर समुदाय का भी।