कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Agriculture Minister Narendra Singh Tomar) ने सोमवार को असम (Assam) के कामरूप जिले के मिर्जा कस्बे में शहद प्रसंस्करण इकाई का उद्घाटन किया और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, बढ़ावा देने तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए संबद्ध कृषि गतिविधियों के विकास पर जोर दिया।

राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद मिशन (NBHM) द्वारा राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन बोर्ड (NBB) और साल्ट रेंज फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से इस स्वचालित शहद प्रसंस्करण इकाई की स्थापना की गई है।

इस मौके पर मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर मधुमक्खी पालन को बढ़ावा दे रही है और इसके लिए 500 करोड़ रुपये भी अलग रखे हैं।

सरकार चाहती है कि मधुमक्खी पालकों को उनके उत्पादों के लिए भारत और विदेशों में अच्छा बाजार मिले। एक सरकारी बयान में तोमर (Tomar) के हवाले से कहा गया है कि इसके लिए गुजरात के आणंद में मधुमक्खी पालकों के हित में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित की गई है।

लगभग 13 उपग्रह परीक्षण प्रयोगशालाओं को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर देश भर में ऐसी 100 प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी।

तोमर (Tomar) ने आगे कहा कि देश में 86 प्रतिशत छोटे किसानों के लिए मधुमक्खी पालन एक बेहतर रोजगार का अवसर हो सकता है क्योंकि उनमें से कुछ के पास बहुत कम जमीन है और कुछ के पास बिल्कुल भी जमीन नहीं है और वे मजदूर के रूप में काम करते हैं।

मंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र कृषि अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं लागू कर रहा है। कृषि के साथ-साथ मधुमक्खी पालन जैसी संबद्ध कृषि गतिविधियों को विकसित करना महत्वपूर्ण है ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो, रोजगार के अवसर पैदा हों और किसान बेहतर आय अर्जित कर सकें।

तोमर ने पूर्वोत्तर के लोगों से केंद्र की योजनाओं, खासकर एक लाख करोड़ रुपये के कृषि बुनियादी ढांचा कोष का लाभ उठाने की अपील की।

राज्य में मधुमक्खी पालन में हुई प्रगति पर असम के कृषि मंत्री अतुल बोरा (Assam Agriculture Minister Atul Bora) ने कहा कि वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन असम (Assam) में किसानों की आय दोगुनी करने का एक आशाजनक क्षेत्र है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार असम में कृषि क्षेत्र के विकास के लिए केंद्र के साथ मिलकर काम कर रही है।