टोक्यो ओलंपिक में आज का दिन खुशखबरी लेकर आया। महिला खिलाड़ियों की जीत ने देश की उम्मीद को बरकरार रखा। भारत की महिला मुक्केबाज लवलीना बोर्गोहेन ने टोक्यो ओलंपिक के 69 किग्रा भार वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। इस मुक्केबाज ने देश के लिए कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया है। कुकुगिकान एरेना में लवलीना का सामना ताइवान की नेन चिन चेन से हुआ, जहां वह 4-1 से विजयी रहीं।

पहले राउंड में लवलीना ने 3-2 से जीत हासिल की। लवलीना ने हालांकि अपनी हाइट का अच्छा फायदा उठाने की कोशिश की। उन्होंने लगातार पंच लगाने का प्रयास किया, लेकिन चीनी ताइपे की मुक्केबाज का दम ज्यादा दिखाई दिया। असम की 23 साल की लवलीना ने कुकुगिकान एरेना में मंगलवार को खेले गए अंतिम-16 राउंड के मुकाबले में अपने से 12 साल बड़ी जर्मनी की नेदिन एपेट को 3-2 से हराया था। नीले कार्नर पर खेलीं लवलीना ने पांचों जजों से क्रमश: 28, 29, 30, 30, 27 अंक हासिल किए।

सेमीफाइनल में लवलीना का मुकाबला अब वर्ल्ड चैम्पियन तुर्की की मुक्केबाज बुसानेज सुरमेनेली से होगा। चीनी ताइपे की मुक्केबाज के खिलाफ लवलीना ने अपना पहला राउंड 3-2 से जीता। इसके बाद दूसरे राउंड में फैसला लवलीना के पक्ष में गया। तीसरे राउंड में चीनी ताइपे की मुक्केबाज ने वापसी की कोशिश की, लेकिन लवलीना ने अपने शानदार डिफेंस से चीनी ताइपे की मुक्केबाज को कोई मौका नहीं दिया। चीनी ताइपे की मुक्केबाज के खिलाफ ये लवलीना की चौथी फाइट थी। इससे पहले हुए 3 मुकाबले में वो हर बार चीनी ताइपे के मुक्केबाज के खिलाफ हारीं थीं, लेकिन टोक्यो ओलंपिक की रिंग में उन्होंने इतिहास रच दिया। भारत को इससे पहले ओलंपिक मुक्केबाजी में विजेंदर सिहं (2008) और एम सी मैरीकॉम (2012) ने कांस्य पदक दिलाए थे।