बांग्लादेश के सांप्रदायिक हिंसा (sectarian violence) ने हिला कर रख दिया है। इस हिंसा से कि भारत देश में बहुत प्रभाव पड़ा है। सबसे ज्यादा पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुर राज्य में इसका प्रभाव ज्यादा देखने को मिला है। हाल ही में इस हिंसा के बीच एक तस्वीर ने सबसे दिल जीत लिया है।  जहां बांग्लादेश (Bangladesh) के ढाका में अवामी लीग के हालिया विरोध के दौरान पोस्टरों पर दो दोस्तों लिजेश पोद्दार (9) और एडविन सूत्रधर (10) की एक तस्वीर प्रदर्शित की गई है।
बच्चों में से एक के पिता, लिटन पोड्डर (Litton Podder) ने एक बयान में कहा कि बोंगाईगांव के तापस पाल नाम के एक फोटोग्राफर ने दो धर्मों का प्रतिनिधित्व करने वाले अपने दोस्त के साथ अपने बेटे की तस्वीर खींची थी। तापस ने कुछ अलग और रचनात्मक करने के उद्देश्य से दो दोस्तों लिजेश और एडविन की छवि ली।

यही कारण था कि उन्होंने लिजेश को एक हिंदू (Hindu) लड़के के रूप में और एडविन को एक मुस्लिम (Muslim) के रूप में फोटो में दोनों को बाहों में दोस्तों के रूप में दिखाया। लिटन ने कहा कि उन्हें यह जानकर बेहद खुशी हुई कि उनके बेटे और एडविन बांग्लादेश में शांति और सांप्रदायिक भाईचारे (communal brotherhood) के पोस्टर बॉय बन गए हैं।


वर्ष 2020 में, राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने अपने ट्विटर पर अपनी तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा कि महामारी देश के लिए धर्म और सीए के मतभेदों को एक साथ रखकर एकजुट होने का एक अवसर है, जो सहानुभूति, करुणा, और के केंद्रीय विचार के साथ वायरस को हराने के लिए एक साथ आते हैं।