असम की किशोरी का अपहरण कर दिल्ली में देह व्यापार कराने वालों को बेच दिया गया। वहां से मेरठ की महिला, इस किशोरी को खरीदकर यहां ले आई और देह व्यापार कराने लगी। मिशन रेस्क्यू ऑपरेशन और एएचटीयू ने मिलकर किशोरी को बरामद किया है। आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। पता किया जा रहा है कि दिल्ली में किशोरी को कहां रखा गया था। महिला के फोन कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। छानबीन के लिए एसएसपी ने विशेष निर्देश दिए हैं।

मिशन रेस्क्यू ऑपरेशन के राजेंद्र सिंह और उनकी टीम को सूचना मिली कि मेरठ के लिसाड़ी गेट लक्खीपुरा निवासी शकीला ह्यूमन ट्रैफिकिंग और देह व्यापार के धंधे में लगी है। किसी किशोरी को दिल्ली से पांच दिन पहले मेरठ लेकर आई है। एनजीओ के सदस्य ने ही फोन पर शकीला से संपर्क किया। शकीला ने किशोरी के बदले में 35 सौ रुपये मांगे। शकीला ने सोमवार को तीन बार मिलने की जगह बदली। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के साथ मिलकर एनजीओ सदस्यों ने आरोपी महिला को पकड़ने के लिए योजना बनाई। जैसे ही आरोपी महिला ने सेंट्रल मार्केट में मिलने के लिए शाम का समय तय किया तो वहां घेराबंदी कर दी गई। शाम के समय किशोरी को लेकर शकीला जैसे ही आई, उसे पकड़ लिया गया। आसाम पुलिस को सूचना दी गई है।

राजेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि शकीला मूल रूप से बिहार की रहने वाली है। वह असम, बंगाल और बिहार की युवतियों और किशोरियों को दिल्ली और वेस्ट यूपी में सप्लाई करती है। पूर्व में भी इसे ट्रेस करने का प्रयास किया गया, लेकिन हाथ नहीं आई। आरोपी महिला के मोबाइल में कबाड़ी बाजार की तमाम युवतियों और यहां देह व्यापार कराने वाली महिलाओं के नंबर और फोटो मिले हैं। पूछताछ में उसने बताया कि कबाड़ी बाजार बंद होने के बाद आसपास की कॉलोनियों और शहर के कुछ होटलों में यह धंधा शिफ्ट हो गया है।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि चार दिन पहले किशोरी को दिल्ली में पूनम नामक महिला से 25 हजार रुपये में लेकर आई थी। पुलिस अब पूनम की तलाश में लगी है। पता चला है कि पूनम और शकीला समेत करीब दो दर्जन से ज्यादा लोगों को गिरोह सक्रिय है और यह पूरे पूर्वी भारत से लेकर यहां दिल्ली समेत कई राज्यों में सक्रिय है।