असम-मिजोरम बॉर्डर पर तनाव और झड़पों में पांच लोगों की मौत के एक दिन बाद केंद्र सरकार ने कहा है कि स्थिति नियंत्रण में है। केंद्र सरकार की ओर से बताया गया है कि अतिरिक्‍त बलों को तैनात किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि वह हालात पर नजर जमाए हुए हैं और दोनों पक्षों पर नजर रखने सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के जवानों की तैनाती की गई है। असम के मुख्‍यमंत्री हिमांता बिस्‍वसरमा आज बॉर्डर एरिया का दौरा करेंगे। मिजोरम के गृह मंत्री लालचामलिना भी अपने राज्‍य के बॉर्डर एरिया का दौरा कर रहे हैं।

आज सुबह असम के सीएम ने सिलचर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का दौरा किया और झड़पों में घायल हुए जवानों से मुलाकात की और उनके स्‍वास्‍थ्‍य के बारे में जानकारी ली।असम और मिजोरम के सीमा विवाद मामले में हिंसक झड़प औऱ 5 पुलिसकर्मियों के मारे जाने की घटना को लेकर विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस,  राजद ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने ट्वीट कर कहा, 'असम और मिजोरम के बॉर्डर पर बेरोकटोक हिंसा को देखकर मैं हैरान और स्तब्ध हूं। मेरी शोक संवेदना अपनों को खोने वाले परिजनों के प्रति हैं।' उन्होंने कहा कि बीजेपी के शासनकाल में हिंसा की ऐसी घटनाएं देश में लोकतंत्र की मृत्यु का न्योता दे रही हैं। भारत इससे कहीं बेहतर भविष्य का हकदार है।

RJD के सांसद मनोज झा ने ट्वीट किया-ये कौन से 'नए भारत' का सृजन हो रहा है, जहां इसी देश के दो राज्यों के सुरक्षाकर्मियों के बीच गोलीबारी होती है और दुर्भाग्यपूर्ण मौतें होती हैं। ये कौन सी उलटे पांव की यात्रा पर हम चल पड़े हैं। सरकार चेत जाए अन्यथा ये भयावह तस्वीरें हमें लील जाएंगी। जय हिन्द।