दरभंगा। डाक प्रशिक्षण केंद्र, दरभंगा के सहायक डाक निदेशक जयप्रकाश ने डाक सेवाओं को जनोपयोगी बताया और कहा कि सभी डाक सेवाएं ग्राहकों तक व्यवस्थीत एवं त्वरित गति से उपलब्ध होनी चाहिए। जयप्रकाश ने सोमवार को डाक प्रशिक्षण केंद्र, दरभंगा में करीब दो वर्षों के कोरोना काल के बाद आज से शुरू हुए पोस्टल इंस्पेक्टर के इंडक्शन ट्रेनिंग प्रोग्राम के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि डाक सेवा बेहद जनउपयोगी है, ऐसे में उन्हें पूरे अनुशासन और संजीदगी से डाक सेवा का प्रशिक्षण लेना चाहिए।

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उन्होंने डाक सेवा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि वर्तमान दौर में इसका महत्व तेजी से बढ़ रहा है। सभी डाक सेवाएं ग्राहकों तक व्यवस्थीत एवं त्वरित गति से उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने आइपीपीबी, डाक बीमा, बचत खाता, स्पीड पोस्ट आदि योजनाओं के सम्बंध में भी जानकारी दी। अधिकारी ने सभी डाक निरीक्षकों को पूरी तन्मयता एवं लग्न के साथ इस इंडक्शन प्रोग्राम को पूरा करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में ऑनसाइट ट्रेनिंग बंद था जो फिर से शुरू किया गया है। 

इस इंडक्शन प्रोग्राम में बिहार झारखंड, पश्चिम बंगाल, उड़िसा, आसाम और पूर्व उत्तर राज्यों के 30 पोस्टल इंस्पेक्टर ट्रेनिंग ले रहे हैं। गौरतलब है कि डाक प्रशिक्षण केंद्र (पीटीसी), दरभंगा ने 12 जुलाई 1966 से ऐतिहासिक बेला पैलेस में काम करना शुरू कर दिया था। इस महल का निर्माण 1934 में महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह ने अपने छोटे भाई राजा बहादुर विश्वेश्वर सिंह के लिए किया था। तत्कालीन डाक और दूरसंचार विभाग द्वारा पैलेस और आसपास की लगभग 65 एकड़ जमीन खरीदी गई थी। 

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यह भारत के छह डाक प्रशिक्षण केंद्रों (पीटीसी) में से एक है। डाक प्रशिक्षण केंद्र (दरभंगा) बिहार, झारखंड, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल सर्कल की प्रशिक्षण आवश्यकताओं को पूरा करता है। पिछले दिनों केंद्रीय डाक सेवा सचिव विनीत पांडे ने इस ऐतिहासिक धरोहर का निरीक्षण किया था और इसके संरक्षण पर जोर दिया था।