स्वस्थ्य मंत्री हिमंता बिस्वा ने जानकारी दी है कि असम के 34 कोविड -19 सकारात्मक मामलों में से 80 प्रतिशत लोग में से 33 निज़ामुद्दीन जमात से लिंक हैं और ये वायरस यहां स्पर्शोन्मुख थे यानी कि मूक वाहक के रूप में रह रहे थे। मतलब कि इनको 11% को खांसी थी और उनमें से केवल सात प्रतिशत लोगों के गले में खराश थी, बेचैनी और सांस लेने में तकलीफ थी।


बता दें कि अगर हम ऐसे ही लक्षण देखते हैं तो एक सकारात्मक मामला एक कैंसर रोगी का भी है जिसका उच्च रक्तचाप था। 7 प्रतिशत कोरोना मामलों में छाती में जमाव है और एक को अस्थमा हैं। चिकित्सा के अनुसार राज्य के स्वास्थ्य विभाग के एक विश्लेषण के अनुसार, अभी तक कोरोना सकारात्मक मामले 18 से 71 वर्ष के आयु वर्ग के ही हैं, जिनमें 50 और 60 वर्ष की आयु के अधिकांश रोगी हैं।
सरमा ने जानकारी देते हुए कहा कि चिकित्सा विश्लेषण से यह भी पता चलता है कि सकारात्मक व्यक्तियों में से 79% पुरुष और शेष 21% महिलाएं शामिल हैं। साथ ही यह भी बताया कि 34 मामलों के बाद एक भी कोरोना का केस सामने नहीं आया है। लेकिन आशंका है कि कोरोना एक साथ हमला कर सकता है तो एतिहात बरतें।