असम विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने चुनावी मैदान में 32 नए चेहरे उतारे हैं। भाजपा ने 12 मौजूदा विधायको के सहित असम के पूर्व मुख्यमंत्री प्रफुल्ल मंहत को टिकट नहीं दिया है। दिल्ली में इलाज कराकर लौटे असम के पूर्व मुख्यमंत्री प्रफुल्ल कुमार महंत ने कहा कि वह सीएए विरोधी ताकतों के साथ खड़े हैं। प्रफुल्ल कुमार महंत ने असोम गण परिषद-प्रगतिशील (AGP-P) के पुनरुद्धार का संकेत दिया है।


आगामी चुनाव लड़ने के लिए AGP द्वारा टिकट से इनकार करने पर पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल पर प्रफुल्ल कुमार महंत ने पलटवार करते हुए पूछा कि "किस पार्टी ने टिकट से इनकार किया?" प्रफुल्ल कुमार महंत के इस सवाल ने अगप-प्रोग्रेसिव पार्टी के पुनरुद्धार और दो बार के सीएम के ग्रैंड अलायंस में शामिल होने की रिपोर्ट को हवा दी है। एजीपी-पी को प्रफुल्ल कुमार महंत ने 2005 में पार्टी के नेतृत्व द्वारा एजीपी से निष्कासन के बाद मंगवाया था।


2008 में, AGP-P का AGP के साथ विलय हो गया। AGP को छोड़कर, राज्यसभा सांसद और प्रफुल्ल कुमार महंत की पत्नी, जयश्री महंत ने कहा कि "यह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है। इतिहास में पहली बार, एक क्षेत्रीय पार्टी ने नई दिल्ली में घुटने टेक दिए हैं। एजीपी ने अपना क्षेत्रवाद खो दिया है। ” जानकारी के लिए बता दें कि बीजेपी ने गठबंधन के तहत AGP को 26 सीटें और यूपीपीएल को 8 सीटें चुनाव लड़ने के लिए दी है।