असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के फर्जी हस्ताक्षर से जुड़े मामले के मुख्य मास्टरमाइंड आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। असम के सीएम, गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान इमरान शा कौधुरी के रूप में हुई है। उसे गुवाहाटी पुलिस की एक टीम ने नई दिल्ली में गिरफ्तार किया है। इससे पहले असम में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था।

असम पुलिस एक बयान में कहा कि "अपराध के सरगना इमरान शा कौधुरी ने दावा किया कि उनके लिए (चार अन्य व्यक्तियों) को सीधे सीएमओ के माध्यम से पीएचई विभाग में अनुबंध प्राप्त करना बहुत आसान था, लेकिन वह कमीशन के रूप में 3% लेंगे,"। असम पुलिस ने कहा, "इमरान शा कौधुरी ने उन्हें जाली कागजात दिए, जिसे उन्होंने अंततः मुख्य अभियंता, पीएचई विभाग को सौंप दिया।"


सीएमओ द्वारा प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद मामले की जांच शुरू हुई। मुख्य अभियंता (पीएचई) जल, असम को लोहित कंस्ट्रक्शन के नाम पर माननीय मुख्यमंत्री के जाली हस्ताक्षर के साथ काम आवंटित करने के लिए एक नोट दिया गया था। विशेष रूप से, इमरान शा चौधरी ने तीन व्यक्तियों - दिलीप दास, अनुपम चौधरी और प्रकाश बसुमतारी की मदद से जाली दस्तावेज़ बनाया था।

असम पुलिस ने कहा कि "उन्होंने एक नबा रॉय की दुकान में जाली दस्तावेज बनाने के लिए माननीय मुख्यमंत्री के वास्तविक हस्ताक्षर को स्कैन किया। विशेष रूप से, इमरान शा को गुवाहाटी पुलिस की एक टीम ने नई दिल्ली से गिरफ्तार किया था और "गुवाहाटी लाए जाने की प्रक्रिया में है"। बता दें कि अभी भी दो आरोपी व्यक्ति अनुपम चौधरी और प्रकाश बसुमतारी फरार हैं। जिनकी तलाशी जारी है।