असम कैबिनेट (Assam cabinet) ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और जलवायु परिवर्तन विभाग के तहत एक स्वायत्त पंजीकृत सोसायटी के तौर पर असम स्टेट स्पेस एप्लीकेशंस सेंटर (एएसएसएसी) की स्थापना को मंजूरी दी। कैबिनेट ने कहा, "नई इकाई साइंस और तकनीकी-प्रबंधकीय एक्टिविटीज के क्षेत्र में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, अंतरिक्ष विभाग, उत्तर पूर्व अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र के साथ संपर्क करने के लिए बेहतर स्थिति में होगी।" इसमें कहा गया है, "यह राज्य में विभिन्न विकास परियोजनाओं में अंतरिक्ष और जीआईएस इनपुट का इस्तेमाल करने में एक लंबा सफर तय करेगा।" 

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Chief Minister Himanta Biswa Sarma) की अध्यक्षता में कैबिनेट ने फैसला किया कि सभी सरकारी पत्राचार के लिए वर्तमान ग्रेगोरियन कैलेंडर के अलावा असमिया कैलेंडर (क्रमशः बराक और बीटीएडी क्षेत्रों में बांग्ला और बोडो कैलेंडर) का इस्तेमाल किया जाएगा। मंत्रिपरिषद ने साल 2021 के लिए एनआई एक्ट के तहत 34 राजपत्रित अवकाश, 31 प्रतिबंधित अवकाश, 2 अर्ध अवकाश और 18 अर्ध अवकाश को मंजूरी दी। बराक घाटी में एक नया वन्यजीव प्रभाग स्थापित किया जाएगा। कैबिनेट ने PMSVANidhi के तहत कोरोना और लॉकडाउन से प्रभावित रेहड़ी-पटरी वालों को मंजूर किए गए ऋणों पर स्टांप शुल्क माफ करने की भी मंजूरी दी।

कैबिनेट ने कहा, "इससे लाभार्थियों को बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के 10,000 रुपये की कर्ज रकम हासिल करने में मदद मिलेगी और कर्ज बांटने के अमल में भी तेजी आएगी।" ग्रामीण विकास में तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री समग्र ग्राम्य उन्नयन योजना (सीएमएसजीयूवाई) के तहत विभिन्न योजनाओं के लिए 400 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया।

इस रकम का इस्तेमाल 2,671 लाभार्थियों को धान के भंडारण के लिए गोदामों, सुखाने की इकाइयों, मिनी चावल मिलों की स्थापना, 126 कंबाइन हार्वेस्टर के वितरण, 1,000 मिनी ट्रकों के वितरण और मत्स्य पालन की स्थापना के लिए किया जाएगा। मंत्रि-परिषद ने इस संबंध में केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुरोध को ध्यान में रखते हुए माजुली पुल पर कार्य में तेजी लाने के लिए 'माजुली पुल परियोजना, 2021' के लिए एसजीएसटी प्रतिपूर्ति योजना को भी स्वीकृति प्रदान की।