RJD नेता तेजस्वी यादव अपनी असम की चुनावी यात्रा से वापस पटना आ गए हैं। पटना के जनार्दन घाट पर अपने चाचा महावीर राय के दाह संस्कार के बाद वे असम चले गए थे और फिर वहां कई स्थानों पर चुनावी सभाओं का संबोधित किया। RJD वहां कांग्रेस के साथ महाजोठ में शामिल है। RJD के वरिष्ठ नेता श्याम रजक बताते हैं कि हमारी पार्टी असम में 126 सीटों पर महाजोठ में शामिल है और हिंदी पट्टी के लोगों के बीच तेजस्वी यादव की लोकप्रियता काफी है।

असम में तेजस्वी यादव ने राताबाड़ी विधान सभा क्षेत्र से महाजोत कांग्रेस प्रत्याशी शंभु सिंह मल्लाह के समर्थन में चुनावी सभा को संबोधित किया। असम के धौलाई विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी कामख्या माला के समर्थन में चुनावी सभा की। असम के लखीपुर विधानसभा में भी उन्होंने लोगों को संबोधित किया। वहां कांग्रेस के उम्मीदवार मुकेश पांडेय चुनाव लड़ रहे हैं।

असम में बिहार और उत्तरप्रदेश के हिंदी भाषी लोगों की संख्या पांच फीसदी है। असम के चाय बगानों में इन दो राज्यों के मजदूर बड़ी संख्या में कार्यरत हैं। इस पांच फीसदी वोट बैंक पर RJD की नजर है। माना जाता है कि असम विधान सभा की कुल 126 सीटों में से एक दर्जन से ज्यादा सीटें ऐसी हैं जिस पर बिहार और यूपी के लोग हार-जीत का निर्धारण करते हैं।

असम के बिस्वनाथ, सोनारी, लखीपुर, नलबाड़ी, ढ़ींग, गोलाघाट, कोकराझार पूर्वी, जोरहट, कलियाबोर, टिओक, लहरियाघाट, बारछला, दुधानी, ढुबरी, गौरीपुर, राहा, मारीगांव, डिगबोई, गोलपारा पूर्वी, अभयपुरी उत्तरी, नाओबईछा, बोंगाईगांव, डलगांव, दिसपुर, गुवाहाटी पूर्व आदि सीटों पर हिंदी भाषी असमिया लोगों की चलती-बनती है। यहां के मजदूर पर्व-त्योहारों में बिहार आते भी रहते हैं। लॉकडाउन के समय इन मजदूरों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी थी।

हालांकि साल 2001 में RJD ने असम में 6 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 6 सीटों पर पार्टी की जमानत जब्त हो गई थी। साल 2006 में RJD ने 7 सीटों पर चुनाव लड़ा था और सभी 7 सीटों पर जमानत जब्त हो गई थी। यही वजह है कि इस बार RJD ने सीधे अपना उम्मीदवार देने के बजाय महाजोठ की रणनीति के तहत वहां राजनीति कर रही है। असम में पहले चरण की 47 सीटों पर 27 मार्च को वोटिंग होनी है। दूसरे चरण में 39 विधान सभा सीटों पर एक अप्रैल को और तीसरे चरण में 40 सीटों पर 6 अप्रैल को वोटिंग होनी है।