भारत देश एक ऐसा देश है जिसकी सुबह चाय से होती है। देश में चाय सबसे ज्यादा पिया जाने वाला पेय है। चाय में कैफिन होता है जो बॉडी को शांति प्रदान करता है। यह एक आम बात है जब शरीर थकान से टुटने लगता है भारतीय लोग चाय की चुस्की लेते हैं और थकान दूर करते हैं। हालाकि चाय हमारे देश में अंग्रेजों द्वारा लाई गई थी, लेकिन हम इसका भारतीयकरण करने में कामयाब रहे हैं।



लोग एक कप कड़क चाय के बिना नहीं रह सकते। चाय बनाना तो हम सभी जानते हैं लेकिन क्या हम जानते हैं कि चाय की पत्तियां कैसे बनती हैं? एक फूड ब्लॉगर ने असम में चाय की पत्तियों के निर्माण की मशीनी प्रक्रिया के पीछे की एक झलक दिखाई है। असम देश के कुछ बेहतरीन चाय बागानों का घर है।



वहां की एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वीडियो को इंस्टाग्राम-आधारित फूड ब्लॉगर @foodie_incarnate ले अपलोड किया है और इसे 238 हजार लाइक्स के साथ 3.3 मिलियन से अधिक बार देखा जा चुका है। वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे चाय की हरी पत्तियों को पौधों से ताजा काटा जाता है और फिर कारखाने में भेज दिया जाता है।

चाय की पत्तियां पहले सुखाने की प्रक्रिया से गुजरती हैं, जहां चाय की पत्तियों के बीच से गर्म हवा पास की जाती है ताकि नमी निकल जाए। सूखे पत्तों को बैग में रखा जाता है, एक कन्वेयर बेल्ट पर रखा जाता है और फिर कंडीशनिंग और काटने के लिए भेजा जाता है। पत्तियों को बारीक काट लिया जाता है और फिर दाने बनाने के लिए भेज दिया जाता है ताकि कटी हुई चाय की पत्तियां पाउडर हो जाएं।


इसके बाद, चाय की पत्तियों को ऑक्सीडेटिव फर्मेंटेशन के लिए भेजा जाता है, जहां पर्यावरण में ऑक्सीजन का उपयोग पत्तियों को फर्मेंट करने के लिए किया जाएगा। इस दौरान पत्तियों का रंग हरे से भूरा हो जाता है। फर्मेंटेड चाय की पत्तियों को एयर-फ्राइड किया जाता है और फिर पत्तियों को साफ किया जाता है और चाय की पत्तियों को गुणवत्ता के आधार पर अलग कर पैक किया जाता है। इसके बाद इसको भारत सहित विदेशों में वितरित की जाती है।