रक्षा अनुसंधान प्रयोगशाला (डीआरएल), तेजपुर पूर्वोत्तर में एकमात्र रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) प्रयोगशाला है, जिसने कोविड -19 के खिलाफ अपनी लड़ाई में आंतरिक क्षेत्रों कीटाणुरहित करने का काम शुरू कर दिया है।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हाल ही में वायरस के सर्वनाश के लिए व्यावहारिक कदमों की कमी पर चिंता व्यक्तकर कहा कि वायरस घरेलू सामान और बर्तनों के अंदर भी जीवित रह सकते हैं, यहां तक कि बाहरी स्वच्छता भी लगभग हर जगह नहीं है।


माइक्रोबायोलॉजिस्ट अशोक नागलोत के नेतृत्व वाली डीआरएल-कोविड टीम ने एंट्री गेट्स और चैनलों, ताले, कर्मचारियों की वर्किंग टेबल, कैश और चेक विदड्रॉल और डिपॉजिट काउंटर, इंक्वायरी काउंटर, एटीएम एंट्री गेट्स, एटीएम कीपैड, लॉकर्स जैसे कीटाणुनाशक स्थानों पर ध्यान केंद्रित किया है।


इन्होंने कहा कि फाइलों और अन्य स्थानों पर रखना, जो आमतौर पर स्वच्छता अभियान के तहत नहीं आते हैं। हमें उनकी भी सफाई रखनी है। साथ ही कहा कि यहीं वो चीजें हैं जिन्हें हम नजरांदाज कर देते हैं बाद ये ही हमारी जान को बन जाती है।