असम के नगांव जिले के कलियाबोर में एक नाबालिग लड़की की भीषण हत्या की अखिल भारतीय जनतांत्रिक छात्र संगठन (AIDSO) की जिला इकाई ने लखीमपुर में कड़ी निंदा और विरोध किया है। बता दें कि सात साल की बच्ची स्टोन क्रेशर के शौचालय में मृत पाई गई थी। नागांव पुलिस (Nagaon police) ने नाबालिग लड़की की हत्या के मामले में 8 से 11 साल की उम्र के तीन नाबालिगों और एक वयस्क को गिरफ्तार किया गया है।

बताया जा रहा है कि इन्होंने उनके साथ अश्लील क्लिप (pornographic clips) देखने से इनकार कर दिया था। खबरों के मुताबिक, तीनों किशोर पीड़िता के घर के पास रहते थे और अपने मोबाइल पर पोर्न (porn) देखते थे। माना जा रहा है कि हत्या बच्चों के पोर्न एडिक्शन के कारण की गई है। 11 वर्षीय आरोपी के माता-पिता, जिनके मोबाइल फोन पर अश्लील सामग्री मिली थी, को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया था।

जघन्य घटना के विरोध में, AIDSO कार्यकर्ताओं ने अपनी सहयोगी संस्था अखिल भारतीय महिला सांस्कृतिक संगठन और किशोर शाखा के कार्यकर्ताओं के साथ उत्तर लखीमपुर शहर के चुकुलीभोरिया स्थित अपने प्रधान कार्यालय परिसर से विरोध रैली निकाली है। रैली में प्रदर्शनकारियों ने सरकार से बालिकाओं की जघन्य हत्या को रोकने के लिए कदम उठाने, इंटरनेट पर पोर्नोग्राफी (pornographic) पर प्रतिबंध लगाने, नशीली दवाओं, अफीम, शराब जैसे मादक पदार्थों की तस्करी को नियंत्रित करने के लिए सरकार से मांग करने के लिए कई नारे लगाए हैं।


इन्होंने कहा है कि बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अश्लील नृत्य सामग्री, वीडियो, फिल्में, मनोरंजन केंद्र, खेल परिसर स्थापित करने पर प्रतिबंध करना चाहिए। AIDSO के राज्य सचिव हेमंत पेगू ने विरोध कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए कहा कि "पोर्नो-एडिक्शन (porno-addiction) ने न केवल युवाओं की नैतिकता को खराब किया है बल्कि बच्चों की मानसिकता पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाला है। यह चौंकाने वाली वास्तविकता जघन्य घटना से साबित हुई है कि कलियाबोर में हुआ था।"