ट्रेड यूनियनों के दो दिवसीय भारत बंद के दौरान पूर्वोत्तर राज्य असम के विभिन्न स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन हुआ। ये बंद केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ किया गया था। वहीं सिलचर में पुलिस ने विभिन्न स्थानों से करीब 100 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। उन्हें सीएल सेठ स्कूल में अस्थायी रूप से रखा है। इस दौरान कछार उपायुक्त के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहीं महिला प्रदर्शनकारियों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। 

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आपको बता दें कि केंद्रीय श्रमिक संघों के एक संयुक्त मंच की ओर से आहूत दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के पहले दिन असम के विभिन्न हिस्सों में मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली थी। सुबह छह बजे शुरू हुए इस बंद के दौरान वाणिज्यिक और यात्री वाहनों का आवागमन बंद रहा था। असम के प्रमुख शहर गुवाहाटी में शहर के भीतर यातायात के लिए चलने वाली बसें और अन्य साधन भी इस दौरान सड़कों से नदारद रहे। डिब्रूगढ़ और सिलचर में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। देशव्यापी राष्ट्रव्यापी बंद से बैंकिंग सेवाओं के भी प्रभावित होने की आशंका थी। 

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श्रमिक संघों के मंच ने अपने एक बयान में कहा था कि केंद्रीय श्रमिक संघों और क्षेत्रीय संघों के इस मंच का उद्देश्य सरकारी नीतियों की आलोचना की ओर ध्यान आकर्षित करना है, जिन्हें ‘मजदूर विरोधी, किसान विरोधी और राष्ट्र विरोधी के रूप में परिभाषित किया गया है।’ उल्लेखनीय है कि पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने के बाद भारत में यह पहला बड़ा विरोध-प्रदर्शन है। इस चुनाव में जहां भाजपा ने पांच में से चार राज्यों - उत्तर प्रदेश, मणिपुर, उत्तराखंड और गोवा में अपनी जीत का परचम लहराया, वहीं आप ने पंजाब में बाजी मारी।