असम के लखीमपुर में सरकार द्वारा दिए जाने वाली लाल रंग की छात्रओं को दी जाने वाली स्कूटियां धूप में रखी रखी जंग खा रही है। ये सभी लखीमपुर जिले में हायर सेकेंडरी फाइनल परीक्षा में प्रथम श्रेणी को दी जाने वाली थी। असम सरकार द्वारा प्रज्ञान भारती योजना के तहत डॉ बनिकंता काकाती पुरस्कार के रूप में छात्राओं को सम्मानित किया गया, ये वाहन लगभग तीन महीने से उत्तरी लखीमपुर के त्यागक्षेत्र के मैदान में खुले आसमान के नीचे पड़े हैं।


असम विधानसभा चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले, 2 जनवरी को उत्तरी लखीमपुर में डॉ बनिकंता काकाती पुरस्कार समारोह आयोजित किए गए थे, जहां लाभार्थियों के बीच दोपहिया वाहनों का वितरण किया गया था। जिन्होंने एचएस परीक्षा 2020 को पास किया था। राज्य के उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार,लखीमपुर जिले की 816 छात्राओं को पुरस्कार के लिए चुना गया था।


चुनाव अध्यादेश से पहले वितरण पूरा नहीं किया जा सका। नतीजा यह रहा कि त्यागक्षेत्र में खुले मैदान में 380 दोपहिया वाहन पार्किंग की स्थिति में रह गए। दोपहिया वाहनों के वितरण में कुप्रबंधन लखीमपुर जिले की योग्य छात्राओं के साथ अन्याय प्रतीत होता है और यह जनता के धन और संसाधनों की बर्बादी भी है। योजना में पुरस्कार के लिए कुल 22,245 छात्राओं का चयन किया गया था। पहले चरण में 144.30 करोड़, दूसरे चरण में योजना के तहत 15,160 मेधावी छात्राओं का चयन किया गया।