दुलियाजान । दुलियाजान के सलाकटकी सार्वजनिक खेलपथार में आयोजित अखिल असम छात्र संघ (आसू) के 17वें केंद्रीय अधिवेशन के तीसरे दिन आज अयरोजित प्रतिनिधि सभा में आसू के मुख्य सलाहकार डॉ. समुज्वल कुमार भट्ठाचार्य द्वारा अपने संबोधन में संगठन छोड़ने की घोषणा का जिक्र करने के साथ माहौल भावुक हो गया। 

डॉ. भट्ठाचार्य के भाषण के बाद आसू प्रतिनिधियों ने खड़े होकर एक स्वर में उनसे आसू नहीं छोड़ने का आग्रह करते हुए कहा, दादा आमाक ऐरी नाजाबो'। ज्ञात हो कि आसू के मोरान और दुधने अधिवेशन की तरह इस बार भी डॉ. समुज्ज्वल कुमार भट्ठाचार्य ने दुलियाजान अधिवेशन में आसू से नाता तोड़ने की सार्वजनिक घोषणा की है। 

आसू के आगमी केंद्रीय सचिव पद के प्रबल दावेदार शंकर ज्योति बरुवा के अनुसार डॉ. समुज्वल भट्ठाचार्य द्वारा सार्वजनिक रूप से आसू त्याग किए जाने की घोषणा के बाद भी आसू के हर कार्यकर्ता के दिल में हैं। उनको आसू में रखना चाहते हैं, पर वे रहेंगे या नहीं, इस पर उन्हें ही फैसला करना होगा।

आस के एक शीर्ष सूत्र के अनुसार उक्त प्रतिनिधि सभा में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुईं। उल्लेखनीय है कि गत 18 नवंबर को आयोजित आसू के अंतिम केंद्रीय कार्यकारिणी सभा में यह प्रस्ताव ग्रहण किया गया है कि आगामी केंद्रीय समिति में आस के केंद्रीय नेताओं की उम्र 42 वर्ष और उनकी शैक्षणिक योग्यता न्यूमतम ग्रेजुएट होनी चाहिए। 

यह प्रस्ताव अंतिम प्रतिनिधि सभा में ग्रहण किए जाने की संभावना है। कल आयोजित होने वाली प्रतिनिधि सभा में आसू के नए अध्यक्ष और सचिव का चयन किए जाने सहित मुख्य सलाहकार डॉ. समुज्वल कुमार भट्ठाचार्य के आसू में रहने या न रहने की घोषणा सहित आसू की नई केंद्रीय समिति का गठन किया जाएगा।