पूर्वोत्तर राज्य असम में कोरोना संक्रमण तेजी से पैर पसार रहा है। इस बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि क्वारंटाइन सेंटर में किसी भी तरह की हंगामा, हिंसा या उपद्रव करने वालों के खिलाफ हत्या की कोशिश का केस दर्ज होगा। यह गैर-जमानती अपराध है। 

स्वास्थ्य मंत्री का यह बयान बोंगाईगांव और चिरांग जिले स्थित क्वारंटाइन सेंटर में हंगामे की खबरों के बाद आया है। हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, स्वास्थ्यकर्मियों के काम में बाधा डालने, हंगामा आदि करने वालों को सीधा गिरफ्तार किया जाएगा और उनके खिलाफ गैर-जमानती अपराध जैसे हत्या की कोशिश के तहत केस दर्ज होगा। उन्होंने आगे कहा कि क्वारंटाइन सेंटर में किसी भी तरह की तकलीफ होने पर मरीज सीधा उनसे संपर्क कर सकते हैं। 

बता दें कि बोंगाईगांव स्थित क्वारंटाइन सेंटर में रहने वाले कुछ लोगों पर कथित तौर पर आरोप लगा कि उन्होंने खाने की क्वालिटी को लेकर स्वास्थ्यकर्मियों के साथ बदसलूकी की थी। चिरांग के क्वारंटाइन सेंटर में रहने वाले कुछ लोग वहां से भाग गए। पकड़े जाने पर उन्होंने भी खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। बता दें कि असम के अन्य क्वारंटाइन सेंटर्स में भी स्वास्थ्यकर्मियों से बदसलूकी के कई मामले सामने आ चुके हैं। गोलाघाट में कुछ लोग मना करने के बावजूद कंपाउंड में थूकते दिखे। असम में अभी तक इस तरह के मामलों में आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 269 और 270 के तहत केस दर्ज किए जा रहे हैं। दोनों धाराओं में आरोपी की जमानत हो सकती है। दोषी पाए जाने पर 6 माह की सजा का प्रावधान है।