रोहिंग्या शरणार्थियों की समस्या भारत में बढ़ती जा रही है। जब से भारत सरकार ने नागरिकता विधेयक लागू करने का ऐलान किया है तब से यह समस्या ज्यादा बढ़ गई है। इस समस्या के बारे में बांग्लादेश के सीमा रक्षक प्रमुख बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के महानिदेशक शफीनुल इस्लाम ने कहा कि जब तक रोहिंग्या शरणार्थी म्यांमार नहीं लौटते, तब तक भारत और अन्य देशों के लिए यह गंभीर समस्या बनी रहेगी। डीजी इस्लाम अपनी सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के समकक्ष राकेश अस्थाना के साथ पांच दिवसीय बैठक के लिए गुवाहाटी में थे।


इन्होंने कहा कि रोहिंग्या मुसलमान न केवल भारत में पाए जाते हैं, वे दुनिया भर के देशों में हैं ज्यादा थाईलैंड, इंडोनेशिया और मलेशिया में हैं। उन्होंने कहा कि रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थी समस्या का समाधान तब किया जाएगा जब वे अपने देश, म्यांमार वापस चले जाएंगे, अन्यथा समस्या भारत और अन्य देशों के लिए बनी रहेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि हम नियमित रूप से सीमा पर कॉक्स बाजार शिविरों से रोहिंग्याओं को छुड़ा रहे हैं, जिससे बच रहे हैं। साथ ही रोहिंग्या बस्तियां भी हैं। उनके पास UNHCR कार्ड भी हैं।


बता दें कि BSF और BGB के बीच डीजी स्तर की बैठक या बीसीसी पहली बार राष्ट्रीय राजधानी के बाहर आयोजित की गई। दक्षिणपूर्वी बांग्लादेश में शरणार्थी शिविरों से रोहिंग्या अक्सर नौकरियों की तलाश में अवैध रूप से भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में प्रवेश करते हैं या मानव तस्करी में फंस जाते हैं। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, पिछले एक महीने में पूर्वोत्तर भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने के लिए म्यांमार के कम से कम 35 रोहिंग्या मुसलमानों को महिलाओं और बच्चों सहित हिरासत में लिया गया है।