असम महागठबंधन में दरार पड़ने की खबरें सामने आ रही है। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने शुक्रवार यानि 27 अगस्त को कहा कि असम में पार्टी के 'महागठबंधन से स्वतंत्र' होने का समय आ गया है। कांग्रेस भाजपा को अच्छी टक्कर दे सकती है। अपने एक बयान में लोकसभा सांसद ने कहा कि उन्होंने असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के अध्यक्ष भूपेन बोरा के साथ इस बारे में बैठक की है।

सांसद गौरव गोगोई के अनुसार कांग्रेस ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो सत्ताधारी पार्टी को 2026 में अगले विधानसभा चुनावों में अच्छी टक्कर दे सकती है। गोगोई दिवंगत सीएम तरुण गोगोई के बेटे हैं।

उन्होंने यह भी कहा, "हालांकि पार्टी संगठन को पूरे राज्य में मजबूत करने की जरूरत है। जिसमें उन निर्वाचन क्षेत्रों भी शामिल है जहां गठबंधन के विधायक हैं। असम विधानसभा के भीतर पार्टी अन्य विपक्षी दलों से परामर्श करना जारी रख सकती है।"

गोगोई ने एक बयान में बताया कि उन्होंने एपीसीसी अध्यक्ष भूपेन बोरा के साथ बैठक की, जिन्होंने उनसे महागठबंधन के भविष्य पर उनके विचार पूछे। राज्य में 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के नेतृत्व में 10 पार्टी महागठबंधन का गठन किया गया था। कांग्रेस के अलावा, इसमें ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF), जिमोचयान (देवरी) पीपुल्स पार्टी (JDPP), आदिवासी नेशनल पार्टी (ANP), CPM, CPI, CPI (ML), अंचलिक गण मोर्चा, बोडोलैंड पीपुल्स पार्टी शामिल है। (बीपीएफ) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) भी इसमें शामिल है। 

गोगोई ने कहा, "इससे पहले पार्टी ने एक विपक्षी दल के रूप में अपने कर्तव्य को अपने दम पर पूरा किया था।" गठबंधन ने विधानसभा चुनाव में 50 सीटें जीती थी, जिसमें कांग्रेस को 29, एआईडीयूएफ ने 16, बीपीएफ ने चार और माकपा ने एक सीट हासिल की थी। गोगोई ने कहा, "लोगों को कांग्रेस से बहुत उम्मीदें हैं और अगर हम इन्हें पूरा करते हैं तो हम 2026 में अगली सरकार बनाएंगे। ये भावनाएं केवल मेरी नहीं बल्कि राज्य भर के हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं की है।"