कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच असम सरकार ने बड़ा फैसला किया है। असम के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने शनिवार को कहा कि अन्य राज्यों का कोविड-19 नेगेटिव सर्टिफिकेट असम में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। हवाई और रेल के सभी यात्रियों को पहुंचने पर रैपिड एंटीजन और आरटी-पीसीआर दोनों जांचों से गुजरना होगा। सरमा ने कहा कि असम की वर्तमान कोविड-19 स्थिति यात्रा करने वाले लोगों से जुड़ी हुई है।

मंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर में पाया जाने वाला वायरस ब्रिटेन में सामने आए प्रकार का है जो बहुत हल्का है और बहुत तेजी से फैलता है। उन्होंने कहा कि बाहर से आने वालों को असम पहुंचने पर आरटी-पीसीआर जांच से गुजरना होगा और जांच परिणाम 24 घंटे के भीतर उपलब्ध होंगे लेकिन तब तक उन्हें आइसोलेशन में रहना होगा।

सरमा ने स्वीकार किया कि राज्य में पिछले कुछ दिनों के दौरान स्थिति ‘जटिल’ हो गई है। उन्होंने कहा कि अभी की स्थिति के अनुसार हम तैयार हैं और स्थिति नियंत्रण में है। यह पूछे जाने पर कि कोविड-19 मामलों में बढ़ोतरी को क्या छह अप्रैल के चुनाव के लिए हुई चुनावी रैलियों और प्रचार से जोड़ा जा सकता है, बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि दोनों के बीच कोई संबंध स्थापित नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि हमने यह पता लगाने के लिए एक स्टडी की थी कि क्या कोविड-19 के मामले वहां बढ़े हैं जहां अधिक चुनावी रैलियां हुई थीं, लेकिन यह स्थापित नहीं हो सका। राज्य के 126 विधानसभा क्षेत्रों में से लगभग 100 में कोई भी मामला नहीं है। उन्होंने कहा कि हाल के अधिकांश मामले यात्रा के इतिहास से जुड़े हैं और गुवाहाटी, डिब्रूगढ़, तिनसुकिया, जोरहट, तेजपुर और कछार जैसे कॉमर्शियल और व्यापारिक केंद्रों से सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि असम में वर्तमान मामले अभी भी यात्रा से जुड़े हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि राज्य में अभी तक 2,22,940 मामले सामने आये हैं।