पूर्वोत्तर राज्य असम के राज्यपाल जगदीश मुखी पर लॉकडाउन के उल्लंघन का आरोप लगा है। खास बात तो ये है कि ये आरोप भाजपा की सहयोगी पार्टी बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) ने लगाया है। दरअसल बीपीएफ के नेता एवं राज्यसभा सदस्य विश्वजीत दैमरी दावा किया कि प्रदेश के राज्यपाल जगदीश मुखी ने विभिन्न संगठनों की बैठक करके लॉकडाउन से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया है।

केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला को लिखे पत्र में असम से दो बार के राज्यसभा सदस्य दैमरी ने कहा कि मुखी ने मंगलवार को कोकराझार का दौरा किया और 29 राजनीतिक दलों, सामाजिक धार्मिक संगठनों के सदस्यों को बातचीत के लिए बुलाया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय की ओर से जारी दिशानिर्देशों के अनुसार 65 साल से अधिक उम्र के व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं और 10 साल से कम उम्र के बच्चे घर के भीतर रहेंगे। मुखी की उम्र 70 साल से अधिक है। 

सरकार के दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए दैमरी ने कहा कि सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, शैक्षणिक एवं धार्मिक समारोह जैसी गतिविधियां नहीं होंगी। उन्होंने सवाल किया कि क्या राज्यपाल का विभिन्न संगठनों के लोगों को बुलाना और बातचीत करना सरकार के दिशानिर्देशों का उल्लंघन नहीं है? दैमरी ने कहा कि 29 संगठनों के सदस्यों की बैठक में सामाजिक दूरी को बरकरार रख पाना मुश्किल है।

गौरतलब है कि असम में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड-19) के 42 नये मामले सामने आने के कारण राज्य में इससे संक्रमित होने वाले मरीजों की संख्या बढकऱ 157 हो गी है। राज्य में एक दिन में इस संक्रमण की चपेट में आने वाले लोगों की यह सबसे अधिक संख्या है।राज्य के स्वास्थ्य मंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने ट््वीट कर इसकी जानकारी दी। 

उन्होंने बताया कि ये सभी मामले क्वारंटीन केंद्र में दर्ज किये गये हैं और जिन लोगों को संक्रमित पाया गया है, उनकी यात्रा करने के इतिहास हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से छह मामले दोपहर में तथा दोपहर से आधे घंट पहले 14 मामले दर्ज किये गये थे। वहीं शाम के समय छह और उसके एक घंटे के दौरान 13 मामले तथा देर शाम को तीन और मामले दर्ज किये गये और इस तरह से नये मामलों की संख्या 42 हो गई। उन्होंने बताया कि इनमें से 17 लोग हाल ही में सूरत से लौटे हैं।