बीटीसी में राज्यपाल शासन से तमतमाए बीपीएफ के राज्यसभा सदस्य बिश्वजीत दैमारी ने अब राज्यपाल पर सीधा हमला बोला है। सांसद दैमारी के अनुसार वरिष्ठ नागरिक होने के कारण प्रो. मुखी को लॉकडाउन के दौरान बीटीसी क्षेत्र का दौरा नहीं करना चाहिए। यह केंद्रीय दिशा-निर्देशों को विपरीत है।

मीडिया प्रतिनिधियों को दिए बयान में सांसद दैमारी ने कहा कि 65 साल से अधिक उम्र का कोई भी व्यक्ति लॉकडाउन में बाहर नहीं निकल सकता है। ऐसे में 77 साल के राज्यपाल ने लॉकडाउन के दौरान बीटीसी का भ्रमण कैसे कर लिया। बीटीसी में सत्ताधारी पार्टी पर एक हजार करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप के सिलसिले में सांसद दैमारी ने कहा कि गहन जांच के बाद ऐसा साबित हो जाए, तभी इस तरह के आरोपों पर भरोसा किया जा सकता है। 

तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर भी कोयला घोटाले को लेकर अंगुलियां उठी थीं, लेकिन वह साबित नहीं हुआ। बीटीसी में उपरोक्त घोटाले के आरोप भी इसी तरह बोगस हैं। वहां कोई गड़बड़ नहीं हुई है।  उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली भाजपा नीत केंद्र सरकार बीटीसी को पूर्ण स्वायत्ता देने पर विचार कर रही थी। अब वहां राज्यपाल का शासन लागू करना उन महान नेता के सपनों के विपरीत होगा।