कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में, पूर्वोत्तर सीमा रेल राज्य सरकारों को हर संभव सहयोग करने को तैयार है। एनएफ रेल ने असम को लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (एलएमओ) की आपूíत हेतु आज एक स्पेशल ट्रेन चलाई। 4 कंटेनरों में लदी हुई 80 टन एलएमओ के साथ प्रथम ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन झारखण्ड के टाटानगर से 22 मई को रवाना हुई तथा असम के अमिनगांव में इनलैंड कंटेनर डिपो 23 मई को पहुंची।

असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमन्त विश्व सर्मा पूर्वोत्तर सीमा रेल के महाप्रबंधक अंशुल गुप्ता के साथ एलएमओ की प्रथम कंसाइनमेंट ग्रहण करने के लिए इनलैंड कंटेनर डिपो, अमिनगांव पहुंचे। मुख्यमंत्री ने राज्य को 80 टन एलएमओ प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया तथा इसके परिवहन में निभाई गई भूमिका के लिए भारतीय रेल को धन्यवाद दिया।

इस जीवन रक्षक कंसाइनमेंट की तेज एवं सुरक्षित परिवहन के लिए रेलवे ने एक ग्रीन कॉरिडोर बनाया एवं सभी स्तरों पर समुचित योजना तथा निगरानी सुनिश्चित कर ट्रेन को गंतव्य तक पहुंचाया गया। यह अत्यंत उल्लेखनीय है कि इस ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन ने मालदा टाउन से अमिनगांव की 630 किमी की दूरी 70 किमी प्रतिघटे से भी अधिक की औसत गति से लगभग 9 घटे में तय की, जो राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनों की औसत गति से भी अधिक है।

सभी बाधाओं को पार करते हुए तथा नए समाधानों के साथ भारतीय रेल देश के विभिन्न राज्यों को लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (एलएमओ) की आपूíत कर राहत प्रदान करते हुए अपनी यात्रा जारी रखी है। अब तक, भारतीय रेल देश के विभिन्न राज्यों में 936 से भी अधिक टैंकरों में 15284 एमटी से अधिक एलएमओ की डिलीवरी कर चुकी है। यह उल्लेखनीय है कि अब तक 234 ऑक्सीजन एक्सप्रेस अपनी यात्रा पूरी कर चुकी है तथा विभिन्न राज्यों में राहत पहुंचाई है।

रेलवे ने ऑक्सीजन आपूíत स्थानों के साथ विभिन्न मार्गो का नक्शा तैयार किया है तथा राज्यों द्वारा किसी भी तरह की आपातकालीन जरूरतों को पूरा करने के लिए इसे तैयार रखा है। तेजी से ऑक्सीजन की राहत को पहुंचाने के लिए ऑक्सीजन एक्सप्रेस फ्रेट ट्रेनों के परिचालन के मामलों में रेलवे नए मापदंड तथा अप्रत्याशित कार्य कर रही है। सबसे तेज संभव समय-सीमा में ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए अत्यंत आपातकालीन परिस्थिति के साथ उच्च प्राथमिकता वाले ग्रीन कॉरिडोर पर विभिन्न जोनों की परिचालन टीम इस सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में 24 घटे कार्य कर रही है।