डिब्रूगढ़: कृषक मुक्ति संग्राम समिति (KMSS) के बैनर तले नामडांग के स्थानीय निवासी ने सोमवार को नामडांग के मूल निवासियों को बेदखल करने के खिलाफ डिब्रूगढ़ उपायुक्त कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया.

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विरोध प्रदर्शन लेंगेरी आंचलिक केएमएसएस के तहत आयोजित किया गया था।  प्ले कार्ड लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नामडांग के पांच वन गांवों के 500 से अधिक लोगों ने लोगों को बेदखल करने के प्रशासन के फैसले को वापस लेने की मांग की।

डिब्रूगढ़ जिला प्रशासन ने कोई निष्कासन नोटिस जारी नहीं किया। हम असम के मूलनिवासी हैं फिर सरकार हमारे खिलाफ निष्कासन अभियान क्यों चलाएगी? अब जिला प्रशासन नामडांग क्षेत्र में पौधे लगाने की योजना बना रहा है। हम कई सालों से यहां रह रहे हैं लेकिन अब सरकार हमें जबरदस्ती बेदखल करने की योजना बना रही है।'

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इस बीच डिब्रूगढ़ वन प्रभाग ने नामडांग क्षेत्र में पौधे लगाने की पहल की है।

हेमंत कंवर, सचिव केएमएसएस, डिब्रूगढ़ जिले ने आरोप लगाया की स्वदेशी लोगों की सरकार होने का दावा करने वाली भाजपा सरकार अब उन्हें लेंगेरी के नामडांग क्षेत्र से बेदखल करने की योजना बना रही है। 500 से अधिक लोग उस क्षेत्र में कई वर्षों से रह रहे हैं, फिर सरकार उनके खिलाफ ऐसे कदम क्यों उठा रही है। 

कोंवर ने कहा, "हमने डिब्रूगढ़ के उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें मामले को सुलझाने और नामडांग में बेदखली अभियान को रोकने की मांग की गई है।"