हाग्रामा मोहिलरी के नेतृत्व वाला बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) चाहता है कि अधिकारी पार्टी के बहुमत को साबित करने के लिए बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (BTC) में फ्लोर टेस्ट के दौरान 'गुप्त मतदान' की व्यवस्था करें। बता दें कि पिछले बीटीसी चुनावों में अधिकांश सीटें जीतकर बीपीएफ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरा था। हालांकि, बाद में उनके कुछ प्रतिनिधियों ने छठी अनुसूची परिषदों में दलबदल विरोधी कानून की अनुपस्थिति के कारण वफादारी बदल दी।

बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के विधायक और प्रवक्ता दुर्गा दास बोरो ने कहा कि  "बीपीएफ अध्यक्ष हाग्रामा मोहिलारी गुप्त मतदान के मामले में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ बातचीत कर रहे हैं।" बोरो ने कहा कि "बीपीएफ को परिषद में अपना बहुमत साबित करने की गुंजाइश दी जानी चाहिए। हर कोई जानता है कि यदि मतदान गुप्त मतदान मोड में होता है, तो बीपीएफ बीटीसी में अपना बहुमत साबित करने में सक्षम होगा  ”।


उन्होंने आगे कहा कि "बीटीसी के समग्र प्रबंधन की निगरानी असम के राज्यपाल द्वारा की जाती है। लेकिन राज्य सरकार राज्यपाल को गुप्त मतदान कराने की सलाह दे सकती है। उन्होंने कहा, "ऐसी स्थिति में राज्यपाल सरकार की सलाह मान सकते हैं और गुप्त मतदान करा सकते हैं।"


बोरो ने यह भी कहा कि अगर बीपीएफ बीटीसी में बहुमत साबित कर सकती है, तो यह किसी भी तरह से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को प्रभावित नहीं करेगी। बोरो ने कहा कि "हम राज्य और बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (बीटीआर) के विकास के लिए राज्य सरकार के साथ सौहार्दपूर्वक काम करेंगे।" जनवरी 2021 में हुए बीटीसी चुनावों में, बीपीएफ के कुल 17 उम्मीदवार परिषद के लिए चुने गए थे।