असम वन्यजीव नियंत्रण ब्यूरो, अरुणाचल वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने तीन शिकारियों को गिरफ्तार किया है। दरअसल ये शिकारी रॉयल बंगाल टाइगर को शव को बेचने की फिराक में थे। शिकारियों की पहचान टेप योमचा, मियम योमचा और ओमिट डोले के रूप में हुई है। उन पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9 और 44 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

बांदेरदेवा संभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) चुखु लोमा ने बताया कि हमें सूचना मिली थी की कुछ शिकारी रॉयल बंगाल टाइगर के शव को बेचने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में संयुक्त टीम बनाकर शिकारियों से संपर्क किया गया और टाइगर के शव की कीमत तीस लाख रुपए तय की गई। 

इसके बाद तीनो शिकारी बंदरदेवा पेट्रोल पंप पर पहुंच थे, जहां पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। लोमा ने बताया कि शव की पहचान रॉयल बंगाल टाइगर के रूप में की गई है, जो एक अनुसूची 1 प्रजाति है। शिकारियों ने पूछताछ में बताया कि योमचा (पश्चिम सियांग) के ग्रामीणों ने बाघ को मार डाला था क्योंकि उसने पालतू जानवरों को शिकार किया था। लोमा ने कहा कि इस संबंध में संबंधित डीएफओ ने हमें इस बारे में विस्तृत जानकारी जुटाने को कहा है। फिलहाल तीनों शिकारी असम के लखीमपुर में न्यायिक हिरासत में हैं।