मध्य असम के नगांव जिले में एक पूर्व छात्र नेता पर पुलिस द्वारा गोली चलाने के बाद IPS अधिकारी आनंद मिश्रा के खिलाफ राज्य में गुस्सा जारी है। बता दें कि नगांव के कचलुखुआ इलाके में पुलिस फायरिंग में नगांव कॉलेज के पूर्व महासचिव कीर्ति कमल बोरा घायल हो गए।

पूर्व छात्र नेता कीर्ति कमल बोरा (Kirti Kamal Bora) के खिलाफ "क्रूरता" के लिए सैकड़ों लोगों ने नगांव शहर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया और IPS अधिकारी आनंद मिश्रा (SP Anand Mishra) का पुतला फूंका। उन्होंने 'ट्रिगर हैप्पी' नगांव के एसपी आनंद मिश्रा और एसआई प्रदीप बनिया (SI Pradip Bania) के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जिन्होंने कथित तौर पर AASU के पूर्व नेता बोरा पर गोली चलाई थी।
नगांव कॉलेज के सैकड़ों छात्रों ने सड़क जाम कर 'पब्लिसिटी क्रेजी (publicity crazy)' नगांव के SP आनंद मिश्रा के खिलाफ नारेबाजी की है। शिवसागर विधायक और रायजर दल प्रमुख अखिल गोगोई (Akhil Gogoi) ने SP मिश्रा को तत्काल निलंबित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि “हमने सरकार से नगांव के पुलिस अधीक्षक को तुरंत निलंबित करने और निर्दोष युवाओं को गोली मारने वाले पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।”
राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए विपक्ष के नेता देवव्रत सैकिया (Debabrata Saikia) ने कहा कि "हमारे मुख्यमंत्री ने खुले तौर पर कहा है - यहां तक ​​कि विधानसभा में भी - कि यह एक पैटर्न नहीं होना चाहिए। यहाँ आप देखते हैं कि कोई व्यक्ति दवा खरीदने गया है और बकवास कर रहा है और पुलिस आरोप लगा रही थी कि वह ड्रग्स और सब कुछ बेच रहा था। ”विरोध के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव पबन बोरठाकुर की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग की घोषणा की। सरमा ने कहा कि रिपोर्ट (report) सात दिनों के भीतर प्रस्तुत की जानी है। दो पुलिस अधिकारियों को गोलीबारी (firing) की घटना में उनकी कथित संलिप्तता के लिए आरक्षित किया गया है।