असम की NRC की 'अंतिम लिस्ट' से 'हजारों अयोग्य लोगों को हटाए जाने' के आदेश को लेकर  AIMIM चीफ और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला है।

उन्होंने रविवार को आरोप लगाया कि अब वहां पर लिस्ट को खारिज कर कुछ बंगाली मुस्लिमों को निकालने की नई कवायद शुरू की जा रही है।

ओवैसी ने एक ट्वीट लिखकर कहा, 'बीजेपी असम में NRC की बड़ी हिमायती थी। अपना नाम लिस्ट में डलवाने के लिए भी असम के लोगों को बड़ी मुश्किलों से गुजरना पड़ा, अब बीजेपी को इस बात की निराशा है कि इस लिस्ट में ज्यादा से ज्यादा मुस्लिम बाहर नहीं किए गए हैं। उनकी 'लाखों अवैध प्रवासी' वाली डरावनी कहानी झूठी साबित हो गई। अब ये लोग फाइनल लिस्ट को खारिज करने की कोशिश कर रहे हैं और ताकि 'पर्याप्त संख्या में' बंगाली मुस्लिमों को लिस्ट से बाहर किया जा सके।

उन्होंने कहा कि 'ये लोग प्रशासनिक चतुराई दिखाकर यह कहना चाहते हैं कि फाइनल एनआरसी लिस्ट पब्लिश ही नहीं हुई है, ताकि इसे बदला जा सके. लेकिन लिस्ट 31, 2019 को पब्लिश की जा चुकी है।'

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा कि 'एनआरसी लिस्ट पब्लिश किए जाने के बाद ही LRCR, DRCR की शक्ति का इस्तेमाल किया जा सकता है। RGI ने अभी तक एनआरसी लिस्ट को नोटिफाई नहीं किया है। एनआरसी की लिस्ट जारी होने के बाद इसमें कोई भी बदलाव करना गैर-कानूनी है। इस गैरजरूरी रूप से खिंच रही प्रक्रिया को बंद करें. लिस्ट को नोटिफाई करें। अपने राजनीतिक मतलब के लिए इसे खींचना बंद करें।'