असम में आई बाढ़ की पहली लहर से 5.75 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। पिछले कुछ दिनों में कई जिलों में बाढ़ का पानी कम होने के बावजूद राज्य के 15 जिलों के 1,000 से अधिक गांव अभी भी बाढ़ के पानी में हैं। पिछले 24 घंटों में कछार और नगांव जिलों में दो और मौतों की सूचना मिली है, जिससे बाढ़ और भूस्खलन के कारण मरने वालों की संख्या 28 हो गई है।

ये भी पढ़ेंः मुख्यंमत्री हिमंता बिस्वा ने नाहरानी चाय बागान में किया आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय का उद्घाटन


असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के सीईओ जीडी त्रिपाठी ने कहा, राहत शिविरों में संपूर्ण स्वास्थ्य और स्वच्छता बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग को लगाया गया है। उनके अधिकारी रोग निगरानी और नियंत्रण कर रहे हैं। बाढ़ प्रभावित आबादी के लिए विभिन्न प्रकार के टीके लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती नुकसान का आंकलन करना है। राज्य सरकार के अधिकारियों ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के साथ आपदा के बाद के आंकलन की आवश्यकता पर चर्चा की।

ये भी पढ़ेंः एआरआईएएस सोसाइटी भर्ती 2022: वैज्ञानिक पदों के लिए आवेदन आमंत्रित, यहां देखें पूरी जानकारी


एएसडीएमए ने कहा कि पिछले 24 घंटों में कुल 51671.52 हेक्टेयर फसल क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हुआ। बयान में कहा गया है, बाढ़ की स्थिति में सुधार हो रहा है। केंद्रीय जल आयोग के बुलेटिन के अनुसार, मध्य असम के नागांव जिले के धरमतुल में कोपिली नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की रिपोर्ट के अनुसार, नागांव में सबसे ज्यादा 3.64 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है, इसके बाद दक्षिण असम के कछार जिले में 1.63 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। लगभग 72,698 लोग राहत शिविरों में हैं।