असम बाढ़ की स्थिति में और सुधार हुआ, जबकि 2,10,746 लोगों की आबादी अभी भी बाढ़ से पीड़ित है।असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के एक बुलेटिन के अनुसार, कछार जिले में एक और व्यक्ति की मौत हो गई, जिससे बाढ़ और भूस्खलन के कारण मरने वालों की संख्या 194 हो गई।

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सभी नदियों का जलस्तर घट रहा है और कोई भी खतरे के निशान से ऊपर नहीं बह रहा है। सबसे ज्यादा प्रभावित कछार है, जहां 1,20,118 लोग अब भी पीड़ित हैं, जबकि मोरीगांव में 89,234 लोग बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं। छह जिलों के आठ राजस्व मंडलों के कुल 799 गांव अभी भी पानी में डूबे हुए हैं। प्रभावित जिले कछार, चिरांग, दीमा-हसाओ, करीमगंज, मोरीगांव और तामूलपुर हैं।

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एएसडीएमए ने कहा कि कुल 875.46 हेक्टेयर फसल क्षेत्र अभी भी जलमग्न है, जबकि 71,839 जानवर प्रभावित हुए हैं। बुलेटिन के मुताबिक 17 सड़कें और 711 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। बोंगाईगांव, गोलाघाट, कामरूप, लखीमपुर, नगांव और तामूलपुर से कटाव की खबर है।