पिछले कुछ दिनों से हाथियों ने असम के गोलाघाट जिले के नुमालीगढ़ में हुड़दंग मचाते हुए लोगों के घर और फसलों को तबाह कर दिया है। आसपास के छोटे-मोटे घरेलू कारोबार के साथ-साथ असम हुकूमत के रेशम के कारोबार को भी हाथियों ने तबाह कर दिया। मकामी लोग हाथी से डर कर महफूज़ जगह में रह रहे हैं। 

मकामी लोगों का कहना है कि हर साल जंगली हाथी हमारे घर-खेत-खलिहान तबाह कर देते हैं और मेहकमा इसमें कोई कार्रवाई नहीं करता है। इस बार सैलाब की वजह से हाथियों का जंगल में चारा खत्म हो गया। 

इसके चलते हाथी जंगल से आबादी की तरफ आ रहे हैं। अगर मेहका के लोग जंगल में ही हाथियों के चारे का इंतेज़ाम कर तो हाथियों को खाने की तलाश में जंगल से बाहर नहीं निकलना पड़ता।